पुलिस लाइन में अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते एसपी अभिमन्यु मांगलिक।

गैंगस्टर की संपत्ति जब्ती से लेकर इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी तक अभियान चलाने के आदेश

लूट-चोरी और हत्या के अनसुलझे मामलों पर एसपी ने मांगा त्वरित परिणाम, विवेचनाओं में देरी पर जताई नाराजगी

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने और लंबित मुकदमों की विवेचनाओं को जल्द पूरा कराने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। रिजर्व पुलिस लाइन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित अपराध समीक्षा गोष्ठी में एसपी ने गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।

गोष्ठी की शुरुआत में एसपी ने गैंगस्टर एक्ट के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने धारा 14(1) के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की स्थिति जानी और जहां कार्रवाई लंबित है, वहां तेजी लाने के निर्देश दिए। गैंगस्टर एक्ट में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर ठोस रणनीति तैयार कर प्रभावी अभियान चलाने को कहा गया।

इनामी और वांछित बदमाशों पर कसे शिकंजा

एसपी ने पुरस्कार घोषित अपराधियों और गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे अपराधियों की तलाश में स्थानीय सूचना तंत्र के साथ तकनीकी संसाधनों का भी प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। किसी भी गंभीर अपराध में वांछित आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर न रहे, इसके लिए लगातार अभियान चलाया जाए।

लूट-चोरी के मामलों में चाहिए नतीजा

संपत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान लूट, चोरी, नकबजनी और झपट्टामारी के लंबित मामलों पर एसपी का विशेष जोर रहा। उन्होंने कहा कि अनसुलझी घटनाओं को लंबित रखने के बजाय प्रत्येक मामले में नए सिरे से साक्ष्यों और संदिग्धों की पड़ताल की जाए। एसपी ने ऐसे मामलों का जल्द अनावरण कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हत्या और जानलेवा हमले की विवेचनाओं पर भी नजर

हत्या, गंभीर चोट, जानलेवा हमला और सदोष मानव वध जैसे गंभीर अपराधों में लंबित विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। एसपी ने विवेचकों को साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई पूरी करने और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। दुर्घटना से जुड़े मुकदमों में गलत तरीके से लगाई गई अंतिम रिपोर्ट (सीएस), संज्ञान के बाद दर्ज मामलों तथा उनकी विवेचनात्मक कार्रवाई की भी जानकारी ली गई।

एसआईटी के मामलों की भी ली प्रगति रिपोर्ट

दुर्घटना और अन्य मामलों में गठित एसआईटी से संबंधित अभियोगों की प्रगति की समीक्षा करते हुए एसपी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लंबे समय से लंबित एसआर पत्रावलियों और डी-60/90 की समय सीमा से प्रभावित विवेचनाओं में भी तेजी लाने को कहा गया। फर्जी जमानतदारों से जुड़े मुकदमों में हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लंबित काम भी समय से पूरा करने के निर्देश

एसपी ने पुलिस के डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की। ई-सम्मन, ई-साक्ष्य, जमानत कवच, सुरक्षा नेत्र, सीएस/एफआर, सीईआईआर, सीसीटीएनएस, त्रिनेत्र और एनसीआरपी समेत विभिन्न पोर्टलों पर लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल माध्यम से उपलब्ध सूचनाओं का अपराध नियंत्रण और विवेचना में प्रभावी इस्तेमाल किया जाए।

सैनिक सम्मेलन में सुनी पुलिसकर्मियों की समस्याएं

अपराध समीक्षा गोष्ठी के बाद सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समय से समाधान होने से वे बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।

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