विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को इजरायल पहुंचे, जहां वह देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दो पर चर्चा करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। जयशंकर अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति आइ‌जैक हर्जोग व प्रधानमंत्री बेयामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और अपने समकक्ष गिदोन सार के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, चर्चा द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित होगी ताकि दोनों देशों की साझेदारी को गहरा किया जा सके। इजराइल भारत का एक बड़ा ट्रस्टेड पार्टनर रहा है। प्राइम मिनिस्टर मोदी और प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नितिनयाहू की यह कोशिश रही है कि इसको सिर्फ डिफेंस और वेपन्स के दायरे से थोड़ा सा आगे बढ़ा के वी शुड हैव अ डिफरेंट काइंड ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग विथ इजराइल

अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और विदेश मंत्री गिदोन सार से मुलाकात करेंगे। चर्चा द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है। जयशंकर अबू धाबी से तेल अवीव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित सर बानी यस फोरम में भाग लिया। उन्होंने 16वीं भारत-यूएई संयुक्त आयोग की बैठक और 15 दिसंबर को आयोजित भारत-यूएई रणनीतिक वार्ता के 5वें दौर में भी भाग लिया।

नेतन्याहू की बहुप्रतीक्षित भारत यात्रा दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की एक श्रृंखला के बाद होने की उम्मीद है। इजरायल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज़, अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर और वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने इस वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा किया था, क्योंकि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में गति बढ़ा रहे हैं। सितंबर में स्मोट्रिच की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत और इज़राइल ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद पिछले महीने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की इज़राइल यात्रा के दौरान प्रस्तावित एफटीए के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए गए।

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