शुक्रवार को इस्लामाबाद के शहजाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़ा में एक विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार की नमाज के लिए नमाजियों के इकट्ठा होने के दौरान हुई। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने इसे आत्मघाती बम हमला बताया है। इमामबाड़ा वह स्थान है जहां शिया मुसलमान कर्बला त्रासदी की याद में शोक मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं।

घायलों को इलाज के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान जारी है और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच चुके हैं। किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विस्फोट की कड़ी निंदा की है। उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने विस्फोट पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसकी कड़ी निंदा की है।

 

इस्लामाबाद में आत्मघाती बम हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तानी सेना ने अपने बलूचिस्तान प्रांत में रद-उल-फितना-1 नाम से एक बड़ा अभियान चलाया है। 26 जनवरी को शुरू हुए इस अभियान में पाकिस्तानी सेना ने 216 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है। हालांकि, इस अभियान में 22 सुरक्षाकर्मी और 36 नागरिक भी शहीद हुए हैं। बलूचिस्तान की सीमा ईरान और अफगानिस्तान से लगती है और वहां लंबे समय से विद्रोह जारी है। बलूच समूह आजादी चाहते हैं और पाकिस्तानी सेना तथा 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से संबंधित परियोजनाओं को निशाना बना रहे हैं।

यह आत्मघाती बम हमला उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान हुआ है और पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के बीच हुई घातक झड़पों के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों को भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। यह विस्फोट राजधानी में छह महीनों के भीतर हुआ दूसरा बड़ा विस्फोट है। नवंबर में, इस्लामाबाद कोर्ट परिसर में एक कार विस्फोट में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने उस घटना को आत्मघाती हमला बताया था।

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