बदायूं पुलिस ने  एचपीसीएल प्लांट के डिप्टी जनरल मैनेजर और एजीएम की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या में इस्तेमाल किए गए तमंचे की बरामदगी के लिए ले जाते समय आरोपी ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। इस मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है, जबकि पुलिस कार्रवाई के दौरान सिपाही ओमबीर सिंह भी घायल हो गए। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 12 मार्च की दोपहर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट में घुसकर डीजीपी और असिस्टेंट सेल्स मैनेजर की दिनदहाडे गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में नौकरी से निकाले जाने से नाराज एक पूर्व कर्मचारी पर हमला करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी पूर्व कर्मचारी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना दातागंज तहसील क्षेत्र के मूसाझाग थाना इलाके के गांव सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट की है। पुलिस के मुताबिक, प्लांट के डीजीएम सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट सेल्स मैनेजर हर्षित मिश्रा 12 मार्च दोपहर करीब एक बजे कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान सैंजनी गांव का रहने वाला प्लांट का पूर्व कर्मचारी अपने साथियों के साथ बोलेरो से प्लांट में घुस आया। आरोपी प्लांट में पहुंचते ही अधिकारियों से गाली-गलौज करने लगा। अधिकारियों ने इसका विरोध किया तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ताबड़‌तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घायल सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

नौकरी से निकाले जाने से था नाराज़

बताया जा रहा है कि आरोपी को करीब तीन महीने पहले कंपनी ने ब्लैकलिस्ट कर नौकरी से निकाल दिया था। तभी से उसका अफसरों से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दे चुका था और इस संबंध में मामला अदालत में भी चल रहा था। खतरे की आशंका को देखते हुए अधिकारियों की ओर से पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही डीएम अवनीश राय, एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह और बरेली रेंज के डीआईजी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और फरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए है।

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