रूस और यूक्रेन के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से चल रहा भीषण युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि अमेरिका ने इस रक्तपात को रोकने के लिए ‘जून की डेडलाइन’ तय कर दी है। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और न्यूक्लियर पावर प्लांट्स पर हमले तेज़ कर दिए हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस और यूक्रेन दोनों को संघर्ष खत्म करने के लिए जून की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि अगर जून तक कोई सहमति नहीं बनती है तो वाशिंगटन दोनों पक्षों पर दबाव डालेगा। यह यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर रूस के लगातार हमलों के बीच हुआ, जिससे न्यूक्लियर पावर प्लांट को बिजली की सप्लाई कम करनी पड़ी। ज़ेलेंस्की ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अमेरिकी प्रस्ताव दे रहे हैं कि दोनों पक्ष इस गर्मी की शुरुआत तक युद्ध खत्म कर दें और शायद वे इसी शेड्यूल के अनुसार दोनों पक्षों पर दबाव डालेंगे।” ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि त्रिपक्षीय बातचीत का अगला दौर अमेरिका के मियामी में होने की संभावना है, और इसमें यूक्रेन हिस्सा लेगा। उन्होंने आगे कहा, “हमने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।”
ऊर्जा ठिकानों पर हमला: “दुनिया ने ऐसा कभी नहीं देखा”
शांति वार्ता की खबरों के बीच जमीनी हकीकत भयावह है। ज़ेलेंस्की ने रूस पर ‘ऊर्जा आतंकवाद’ का आरोप लगाया है।
न्यूक्लियर प्लांट पर खतरा: रूस ने यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (NPP) को बिजली सप्लाई करने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
ब्लैकआउट का संकट: इन हमलों के कारण एक परमाणु इकाई (Unit) तकनीकी रूप से बंद हो गई है, जिससे पूरे देश में बिजली और हीटिंग का संकट खड़ा हो गया है।
