अपर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता।
– न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण समेत अधिवक्ताओं से जुड़ी उठाई मांगे
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। सिविल अधिवक्ता मंच के तत्वावधान में शनिवार को अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण सहित अधिवक्ताओं से जुड़ी विभिन्न मांगें उठाई गईं।
सिविल अधिवक्ता मंच के प्रान्त संयोजक आरपी मौर्य एडवोकेट की अगुवई में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बताया कि न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के कारण आम जनता को न्याय मिलने में अत्यधिक देरी हो रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि राजस्व, दीवानी एवं फौजदारी समेत 10-10 एवं 20-20 वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष व्यवस्था की जाए तथा ऐसे मामलों का निर्णय एक वर्ष के भीतर सुनिश्चित कराया जाए। इसके अलावा तहसीलों से लेकर जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों तक फर्जी तारीखों पर रोक लगाने और वादकारियों को किराया व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। अधिवक्ताओं ने सुझाव दिया कि 30 वर्ष से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ प्रैक्टिसिंग अधिवक्ताओं को न्यायिक व्यवस्था में शामिल कर एक जिले से दूसरे जिले में तैनात किया जाए, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके। ज्ञापन में नए प्रैक्टिसिंग अधिवक्ताओं को पांच वर्षों तक 5000 प्रतिमाह अधिवक्ता निधि के रूप में दिए जाने की भी मांग उठाई गई। वहीं प्रदेश में मई एवं जून माह में सुबह 7 बजे से 12 बजे तक कचहरी संचालन की व्यवस्था का विरोध जताते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अधिवक्ता मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान ओम प्रकाश पाल, अरूण कुमार रावत, अभिमन्यु सिंह, ललित कुमार निषाद, विशाल सिंह गौतम, श्रीकृष्ण गुप्ता, देवेन्द्र सिंह, अभिषेक सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, संदीप मिश्रा, जीत कुमार मौर्य समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
