– जलस्तर में सुधार के साथ ग्रे-वॉटर प्रबंधन भी होगा मजबूत
– सौ तालाबों को मॉडल बनाने के प्रथम चरण में 13 चिंहित
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जलकुंभी, गंदगी से पटे तालाब अस्तित्व खोने की कगार पर खड़े है, जिन्हे नया जीवन देने की कवायद शुरु हो गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सौ तालबों को प्लास्टिक मुक्त कर मॉडल के रुप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। नालियों से जुड़े तालाबों को चिंहित करके जलस्तर बढ़ाने और ग्रे वाटर प्रबंधन मजबूत होगा। प्रथम चरण में बड़ी पंचायतों के तालाब चयनित कर शासन को भेजा जा चुका है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाला दूषित पानी, प्लास्टिक तालाबों में पहुंचने से दूषित होता है। कूड़ा कचरा से बायोकेमिकल आक्सीजन डिमांड व कैमिकल आक्सीजन डिमांड अधिक हो गई है। इसी से तालाबों का अस्तित्व खतरे में है और जलीय जीवन भी समाप्त होता जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रे-वाटर व प्लास्टिक प्रबंधन को लेकर माडल तालाब विकास की कवायद शुरु हुई है। नाले नालियों से जुड़े तालाबों वाली सौ ग्राम पंचायतों का चयन किया जाना है। इस योजना के प्रथम चरण में पांच हजार की आबादी वाली पंचायतों को शामिल करते हुए प्रत्येक ब्लॉक से एक तालाब को लिया जाएगा। जहां पर कार्य के बजट के लिए तालाबों का डीपीआर एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
इनसेट-
पिकनिक स्पॉट के रुप में होंगे विकसित
मॉडल तालाबों को पिकनिक स्पॉट के रुप में विकसित कराने के लिए पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। तालाब को स्वच्छ बनाए रखने को मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी के स्लोगन, बाउंड्री के साथ गेट लगवाया जाएगा। झूले समेत अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए सफाई के लिए कर्मी की तैनाती होगी।
तालाबों में गिराया जाएगा फिल्टर पानी
तालाबों में गिरने वाली नालियों के गंदे पानी के प्रबंधन के लिए फिल्टर चौंबर, वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड से पूर्व जाली के माध्यम से ठोस कचरा अलग कर लिया जाएगा। जिससे फिल्टर होकर साफ पानी तालाबों में पहुंचाया जाएगा। वहीं एकत्रित कचरा पंचायत के सफाई कर्मी द्वारा आरआरसी सेंटर भेजा जाएगा।
जल्द काम होगा शुरू
इस मामले पर डीपीआरओ रमाशंकर वर्मा ने बताया कि तालाबों को बचाने व जलस्तर बढ़ाने के लिए तैयार योजना के तहत तालाबों का चयन पूरा कर लिया है। तालाबों में कायाकल्प के लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। बहुत जल्द काम शुरू हो जाएगा।
