– कार्रवाई के बाद छोटे वाहनों से चोरी की मौरंग ढुलाई बढ़ी
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में खनन और परिवहन विभाग पर शासन की सख्ती के बाद बड़े ट्रकों की निगरानी बढ़ी, लेकिन फतेहपुर-बांदा बॉर्डर पर छोटे वाहनों से अवैध मोरंग ढुलाई का खेल और अधिक गति से तेज हो गया है। आरोप है कि कुछ पुलिस चैकियों पर सिस्टम सेट कर हल्के ट्रैक्टर और ठेलियों को बिना पास व इंट्री के लगातार निकाला जा रहा है।
फतेहपुर, बांदा, रायबरेली और हमीरपुर जिलों में अवैध खनन को लेकर शासन की उच्चस्तरीय टीमों ने हाल ही में सख्त कार्रवाई शुरू की। बड़े ट्रकों पर निगरानी और ओवरलोड की जांच बढ़ने से जहां कई मोरंग माफियाओं में हड़कंप मचा, वहीं स्थानीय स्तर पर नए हालात पैदा हो गए। चर्चा का केंद्र बांदा जिले की बेंदा घाट चैकी और जिले की दतौली चैकी है। जहां से छोटी गाड़ियों विशेषकर सिंगल चक्का ठेलियों और हल्के ट्रैक्टरों द्वारा अवैध मोरंग ढुलाई का धंधा बढ़ने के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि बड़े वाहनों की तुलना में ये वाहन कम ध्यान आकर्षित करते हैं और इसी वजह से बड़ी मात्रा में चोरी की मौरंग इनके जरिए पास कराई जा रही है। इन वाहनों को न तो किसी पास की आवश्यकता होती है और न ही कोई आधिकारिक इंट्री कराई जाती है। आरोप है कि बॉर्डर की चैकियों पर सीधे पहुंचकर वाहन मालिक सिस्टम सेट कर लेते हैं, इसके बाद बेंदा घाट से फतेहपुर तक कम दामों में मौरंग बेची जाती है। इससे न केवल बड़े ट्रांसपोर्टरों को नुकसान होता है, बल्कि राजस्व की भी भारी हानि होती है, जिसका असर सीधे सरकारी खजाना पर पड़ता है। लोगों का कहना है कि खनन विभाग पर चल रही कार्रवाइयों के शुरुआती दिनों में स्थिति सुधरी भी थी, लेकिन अब हालात फिर पुराने रूप में लौट रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, रात-दिन सैकड़ों छोटी गाड़ियां मौरंग ढोते हुए देखी जाती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि छोटे वाहनों पर भी बड़े वाहनों की तरह जीपीएस और इंट्री व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही, बॉर्डर चैकियों पर जवाबदेही बढ़ाए बिना इस धंधे पर लगाम लगाना मुश्किल है।
