REPORT:- KHALID AHMAD GORAKHPUR

इंटरनेट और डिजिटल टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग, सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन जैसी सुविधाएँ अब हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा हैं। लेकिन, इस डिजिटल दुनिया के फायदों के साथ-साथ कुछ गंभीर खतरे भी हैं, और उनमें से एक है साइबर क्राइम या साइबर अपराध।

साइबर क्राइम क्या है? यह ऐसा अपराध है जहाँ इंटरनेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति या संस्था को नुकसान पहुँचाया जाता है। साइबर क्रिमिनल्स यानी साइबर अपराधी आपके निजी डेटा, पैसे या पहचान को चुराने की कोशिश करते हैं।

साइबर क्राइम के कुछ आम प्रकार:

1. फ़िशिंग: इसमें आपको ईमेल, मैसेज या फ़ोन कॉल के ज़रिए बहलाया जाता है ताकि आप अपनी निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स आदि शेयर कर दें। ये संदेश अक्सर बैंक या किसी विश्वसनीय कंपनी की तरह दिखते हैं।
2. आइडेंटिटी थेफ्ट: इसमें आपकी निजी जानकारी चुराकर आपके नाम पर लोन लिया जाता है, शॉपिंग की जाती है या कोई और अपराध किया जाता है।
3. ऑनलाइन स्कैम: ऑनलाइन शॉपिंग में नकली वेबसाइट्स पर सामान खरीदने से आपके पैसे चले जाते हैं और सामान नहीं मिलता।
4. मैलवेयर अटैक: यह दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर (जैसे वायरस, रैंसमवेयर) आपके डिवाइस को इन्फेक्ट करके आपके डेटा को चुरा सकता है या लॉक कर सकता है।
5. सोशल मीडिया हैकिंग: आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक करके आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया जाता है।

साइबर क्रिमिनल्स से कैसे बचें?

चिंता की कोई बात नहीं है! कुछ सावधानियाँ बरतकर आप खुद को साइबर खतरों से बचा सकते हैं।

1. मज़बूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें: अपने सभी अकाउंट्स के लिए स्ट्रॉन्ग और यूनिक पासवर्ड यूज़ करें। पासवर्ड में अक्षर, संख्या और विशेष चिह्नों का मिश्रण हो। हर जगह एक ही पासवर्ड कभी न डालें।
2. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें: यह एक अतिरिक्त सुरक्षा परत है। इसे चालू करने के बाद आपके अकाउंट में लॉग इन करने के लिए पासवर्ड के साथ-साथ एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भी चाहिए होगा, जो आपके फोन पर आएगा।
3. शक की नज़र रखें: किसी भी अज्ञात ईमेल, मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें। अगर कोई आपसे फोन पर निजी जानकारी माँग रहा है, तो उसकी पहचान ज़रूर वेरीफाई करें। बैंक या किसी कंपनी का लोगो लगा होना उसे विश्वसनीय नहीं बनाता।
4. सॉफ्टवेयर और एप्स को अपडेट रखें: अपने फोन, कंप्यूटर और सभी एप्लिकेशन्स को हमेशा नवीनतम वर्जन पर अपडेटेड रखें। इन अपडेट्स में सुरक्षा संबंधी सुधार होते हैं।
5. सोशल मीडिया पर सावधानी: अपनी निजी जानकारी जैसे जन्मतिथि, पता, फोन नंबर आदि सोशल मीडिया पर पब्लिकली शेयर न करें। अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को सख्त रखें।
6. एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें: अपने कंप्यूटर और स्मार्टफोन में एक अच्छा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर ज़रूर लगाएँ और उसे नियमित अपडेट करते रहें।
7. पब्लिक Wi-Fi से सतर्क रहें: बिना पासवर्ड वाली पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल ऑनलाइन बैंकिंग या शॉपिंग जैसे कामों के लिए बिल्कुल न करें। अगर ज़रूरी हो तो VPN का इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष:

डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहना हमारी अपनी ज़िम्मेदारी है। थोड़ी सी सजगता और जागरूकता आपको साइबर अपराधियों के चंगुल में फँसने से बचा सकती है। इन आसान टिप्स को फॉलो करें, अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी शेयर करें और मिलकर साइबर क्राइम के खिलाफ़ एक सुरक्षित माहौल बनाएँ। याद रखें, सुरक्षा आपके हाथ में है!
अधिवक्ता खालिद मुस्तफा
बीकॉम एलएलबी

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