उत्तर कोरिया का नाम सुनते ही जेहन में एक ही चेहरा नजर आता है। किम जोंग उन वो चेहरा जो दुनिया भर में मिसाइल परीक्षण के लिए मशहूर है। पिछले 15 साल से वहां इन्हीं का शासन है। सिर्फ 27 साल की उम्र में वो शासक बने और उनके उत्तराधिकारी की खबरें भी सामने आई हैं। ये किम जोंग उनकी बेटी किम यूए हैं। जिनकी उम्र सिर्फ 13 साल बताई गई है। किम के बाद उत्तर कोरिया की बागडोर इन्हीं के हाथ में होगी। पिछले 78 साल से उत्तर कोरिया पर किम परिवार का ही कंट्रोल रहा है। इस देश की किस्मत लगभग आठ दशक से यही परिवार लिख रहा है। इसे समझने के लिए आपको किम फैमिली की हिस्ट्री भी आइए दिखाते हैं। तो आइए देखते हैं। 1948 में पहली बार इस परिवार के किम इल सुंग ने गद्दी को संभाला था।  उत्तर कोरिया में ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत होने वाली है। रहस्यों से भरा वो मुल्क जिस पर कभी किसी महिला ने हुकूमत नहीं की वहां तस्वीर बदलने की परंपरा शुरू हो सकती है।

किम इलसंग ने जो दादा थे किम जोंग उनके उन्होंने 1948 में इस गद्दी को संभाला। किम जोंग इल इसके बाद सत्ता पर काब हुए और उनके बेटे हैं किम जोंग उन जो इस वक्त सत्ता पर काबिज हैं और अब उनकी उत्तराधिकारी के तौर पर किम यू ए की बात की जा रही है कि उनकी बेटी जो 13 साल की है वो उत्तराधिकारी होंगी। किम जोंग उनकी पत्नी रीसोल जू है और किम जोंग इल की पत्नी को यूंग हुई थी जो मां है किम जोंग उनकी लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि 2011 से क्योंकि अब तक किम जोंग उनका राज चल रहा है। इसके बाद वो अपनी बेटी किम जुए को कुर्सी ट्रांसफर करेंगे। यानी आगे भी उत्तर कोरिया का भविष्य किम वंश ही तय करेगा।

सत्ता के लिए चुनौती बन सकने वाली चाची

किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग से संभावित चुनौती मिल सकती है। 38 वर्ष की आयु में उन्हें उत्तर कोरिया में दूसरी सबसे शक्तिशाली हस्ती माना जाता है और उन्हें मजबूत राजनीतिक और सैन्य समर्थन प्राप्त है। किम यो जोंग वर्तमान में कोरियाई श्रमिक पार्टी की केंद्रीय समिति में एक वरिष्ठ पद पर हैं और कहा जाता है कि उनका अपने भाई पर प्रभाव है। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के एक पूर्व वरिष्ठ खुफिया अधिकारी, राह जोंग यिल ने चेतावनी दी है कि सत्ता संघर्ष संभावित है और कहा है कि अगर किम यो जोंग को लगता है कि उन्हें मौका मिल सकता है, तो वह शीर्ष पद हासिल करने के लिए आगे बढ़ेंगी। उन्होंने तर्क दिया कि उनके पास अपनी राजनीतिक परियोजना को आगे बढ़ाने से पीछे हटने का कोई कारण नहीं होगा। राह ने द टेलीग्राफ को बताया, यह समय पर निर्भर करता है, लेकिन मेरा मानना ​​है कि अगर किम यो जोंग को लगता है कि उनके पास शीर्ष नेता बनने का मौका है, तो वह इसे जरूर भुनाएंगी। उनके लिए, अपनी राजनीतिक परियोजना को लागू करने से पीछे हटने का कोई कारण नहीं है। किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के अंदर और बाहर एक खौफनाक छवि बनाई है। अपने तीखे बयानों के लिए जानी जाने वाली, वह नियमित रूप से अपने नाम से बयान जारी करती हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now