प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को व्यापक रक्षा आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार का यह कर्तव्य है कि वह वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप सशस्त्र बलों को मजबूत करे, जैसा कि केंद्रीय बजट 2026 में किए गए बढ़े हुए आवंटन में परिलक्षित होता है। एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष का बजट भारत की एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तत्परता का संकेत देता है। इस वर्ष का बजट भारत की एक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा को दर्शाता है। बजट कोई मजबूरी से उत्पन्न ‘अभी या कभी नहीं’ वाला क्षण नहीं है, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उत्पन्न ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण है।

देश के रक्षा बलों की सहायता करने और उन्हें मजबूत करने के लिए सरकार को जो भी करना होगा, करेगी। रक्षा बजट में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मौजूदा हालात के हिसाब से रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाए। हमारे एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) का उद्देश्य वस्त्र, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने संप्रग सरकार के समय के ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ की आलोचना करते हुए कहा कि उसने भारत को आत्मविश्वास के साथ बातचीत करने की स्थिति में नहीं छोड़ा। संप्रग सरकार के दौरान बातचीत शुरू होती थी और फिर टूट जाती थी, लेकिन लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाता था।

पीएम मोदी ने कहा कि सुधार सरकार की प्रतिबद्धता है, जिसे उसने अपने शब्दों और भावना में प्रदर्शित किया है। अगले चरण के आर्थिक परिवर्तन के लिए निजी क्षेत्र महत्वपूर्ण, उनसे ‘निर्णायक प्रतिक्रिया’ देने का अनुरोध है।

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