बंद पड़े सरकारी नकूप का दृश्य।
– बीस दिनों से बंद सरकारी नलकूप, 18 बीघा गन्ना व धान की नर्सरी पर संकट
CITY NEWS FATEHPUR
खागा, फतेहपुर(CNF)। विकास खंड विजयीपुर के अंतर्गत खरखर गांव में सिंचाई विभाग की उदासीनता किसानों पर भारी पड़ रही है। गांव का 122 किलोग्राम क्षमता वाला सरकारी नलकूप पिछले लगभग 20 दिनों से खराब होने के कारण बंद पड़ा है। मोटर और पंखे का धुरा टूटने के बाद विभागीय कर्मचारियों ने पूरा उपकरण खोलकर मौके पर ही छोड़ दिया, लेकिन अब तक नहर कॉलोनी स्थित कार्यशाला से वाहन नहीं पहुंचा। परिणामस्वरूप मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा है और किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी हैं।
सरकारी नलकूप बंद होने से क्षेत्र के किसानों की लगभग 18 बीघा गन्ने की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। इसके साथ ही धान की नर्सरी भी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। प्रभावित किसानों में मंटो, मूर्ति, अजय, नरेंद्र, नाथन, राजवंती सहित अन्य किसानों की धान की नर्सरी तथा चुनुवा, सीखना, बाबूलाल, रामराज और जयचंद की गन्ने की फसल सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही है। नलकूप चालक रामनरेश ने बताया कि खराबी की सूचना समय रहते विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि संबंधित अवर अभियंता आशीष कुमार ने भी मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में नलकूप चालू नहीं कराया गया तो गन्ने की फसल और धान की नर्सरी पूरी तरह नष्ट हो सकती है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नलकूप की मरम्मत कराने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए स्थापित यह सरकारी नलकूप आज उनके लिए सफेद हाथी बनकर रह गया है। समय पर मरम्मत न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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