जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में भाग लेतीं डीएम व अन्य।
– जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में दिए निर्देश
– रिक्त राशन दुकानों पर जल्द होगी नियुक्ति, अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण भी तेज करने की हिदायत
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राशन वितरण में घटतौली, अनियमितता या फर्जीवाड़ा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ शिकायतें मिलेंगी, उनकी जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में खाद्य एवं रसद विभाग की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, जिला समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि, नगर पंचायत खागा के अध्यक्ष सहित नामित सदस्य एवं जिला पूर्ति अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद के शहरी क्षेत्रों में 270533 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1674600 लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन राशन विक्रेताओं द्वारा किसी माह में खाद्यान्न वितरण असामान्य रूप से कम या अधिक किया जाता है, वहां संबंधित पूर्ति निरीक्षक तत्काल स्थलीय जांच करें। जिन दुकानों से घटतौली की शिकायतें मिल रही हैं, उनकी भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पड़ी उचित दर की दुकानों पर नियमानुसार शीघ्र नियुक्ति की जाए। लगातार तीन माह या उससे अधिक समय से राशन नहीं लेने वाले अथवा मृत हो चुके कार्डधारकों का सत्यापन कर उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएं और उनकी जगह पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। डीएम ने सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के तहत ई-पॉस मशीन के माध्यम से निर्धारित जियोफेंस सीमा के भीतर समय से खाद्यान्न उठान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा एवं खाद्य एवं रसद विभाग के बजट से बन रहे अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने तथा नगर क्षेत्रों में भी अन्नपूर्णा भवनों के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
