उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को पांच जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी की है। आईएमडी ने कहा कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव के कारण ओडिशा के कई जिलों में 26 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है।
राज्य के कई इलाकों में आज सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। इनमें से कम से कम दो स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम कार्यालय ने कटक, अंगुल, ढेंकानाल, कालाहांडी और नवरंगपुरा जिलों के लिए भारी बारिश का अनुमान जताते हुए रेड वार्निंग (कार्रवाई करें) जारी की है।
इसके साथ ही कालाहांडी जिले के थुआमुल रामपुर में 345 मिलीमीटर अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि रायगड़ा जिले के काशीपुर में 212 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। आईएमडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के पास बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया। मौसम कार्यालय ने रविवार को भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, सोनेपुर, बौध, कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी, पुरी, खोर्धा, नयागढ़ और रायगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) भी जारी किया है।
इसी तरह सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बारगढ़, नुआपाड़ा, बोलांगीर, गजपति और गंजाम जिलों के लिए येलो वार्निंग (सतर्क रहें) जारी की गई है। आईएमडी ने कहा कि राज्य में 26 अगस्त तक इसी तरह की मौसम की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार तक बंगाल की खाड़ी और उसके साथ ही पश्चिम बंगाल के तट तथा उससे सटे ओडिशा के तट पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तूफानी मौसम रहने की संभावना है।
आईएमडी ने मछुआरों को 24 अगस्त तक ओडिशा तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
