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फतेहपुर(CNF)। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बारिश के बीच भी शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, दूध, दही और शहद से अभिषेक कर बेलपत्र, अक्षत, चंदन, फूल, भांग व धतूरा अर्पित किया।
शहर के प्रमुख तांबेश्वर मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। दर्शन के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारें लगाई गईं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा चांदपुर स्थित गूढ़ेश्वर धाम, थवईश्वर मंदिर समेत अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वीआईपी रोड समेत प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
गंगा घाटों पर भी उमड़ी भीड़
सावन सोमवार के चलते ओमघाट भिटौरा, कोतला घाट, शिवराजपुर घाट और नौबस्ता समेत विभिन्न गंगा घाटों पर भोर से ही स्नानार्थियों की भीड़ पहुंचने लगी। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और घाट किनारे स्थित शिवालयों में गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। इस दौरान घाटों पर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
राजराजेश्वर धाम में हुआ भव्य श्रृंगार
जहानाबाद कस्बे के श्री राजराजेश्वर धाम मंदिर में अंतिम सोमवार पर विशेष सजावट और श्रृंगार किया गया। भोर करीब चार बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने गंगाजल और दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके बाद अक्षत, चंदन, शहद, बेलपत्र, फूल, भांग और धतूरा अर्पित कर पूजा-अर्चना की। श्रीराम-जानकी धाम रामतलाई मंदिर, प्राचीन अंबिका देवी मंदिर, सिद्धेश्वर बाबा मंदिर और कालेश्वर बाबा मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
पंचमुखी शिव मंदिर में लगी कतारें
क्षेत्र के प्रमुख पंचमुखी शिव मंदिर में भी अंतिम सोमवार को भक्तों की काफी भीड़ रही। आसपास के क्षेत्र में विशेष पहचान रखने वाले इस मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा की। सावन भर यहां प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
