अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिलने के बीच अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत बृहस्पतिवार को मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई। अमेरिकी कच्चे तेल का प्रमुख बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) है, जबकि ब्रेंट को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत के प्रमुख मानक के रूप में देखा जाता है।

इस बीच, अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट के संकेत मिले। एसएंडपी 500 के वायदा कारोबार में 0.5 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.1 प्रतिशत की गिरावट रही। एक रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका में थोक स्तर पर मुद्रास्फीति अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।

उधर, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने यूरोपीय संघ में मुद्रास्फीति पर काबू पाने के प्रयासों के तहत अपनी नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। इसके बाद यूरोप के शेयर बाजारों में भी गिरावट रही। जर्मनी का डैक्स सूचकांक 0.7 प्रतिशत नीचे रहा।

एशिया के बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, भारत और जापान के बाजार इसके अपवाद रहा।

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