संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुँचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उस समय बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब पत्रकारों ने उनसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफ़िज़ सईद को लेकर सीधे और तीखे सवाल दाग दिए। गुरुवार को जब शहबाज़ शरीफ़ संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में दाख़िल हो रहे थे, तब पत्रकारों ने उनसे पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” इस सवाल पर शरीफ़ बिना कोई जवाब दिए चुप्पी साधकर परिसर के भीतर चले गए। बात यहीं ख़त्म नहीं हुई। UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय एक पत्रकार ने उनसे दूसरा तीखा सवाल किया, “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफ़िज़ सईद पर मुक़दमा कब चलाएंगे?” इस सवाल पर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पूरी तरह ख़ामोश रहना ही मुनासिब समझा और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए।

UN मुख्यालय से निकलते समय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को एक और सीधे सवाल का सामना करना पड़ा। एक पत्रकार ने पूछा, “आप लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफ़िज़ सईद पर मुक़दमा कब चलाएंगे?” शरीफ़ ने फिर से जवाब न देने का फ़ैसला किया। बिना जवाब वाले इन दो सवालों ने आतंकवाद पर पाकिस्तान के रिकॉर्ड से जुड़े सबसे विवादास्पद मुद्दों में से एक पर ध्यान केंद्रित किया, खासकर हाफ़िज़ सईद के मामले में, जिसे भारत लंबे समय से चाहता रहा है।

हाफ़िज़ सईद कौन है और भारत उस पर मुक़दमा क्यों चलाना चाहता है?

हाफ़िज़ मुहम्मद सईद, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला है, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। भारत ने उसे गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया है। सईद 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों से जुड़ी साज़िश में भी आरोपी है। मुंबई आतंकी हमले की साज़िश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के रिकॉर्ड में सईद का नाम आरोपियों की सूची में है और कहा गया है कि उसके ख़िलाफ़ गैर-ज़मानती वारंट जारी किए गए हैं।

22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह मुद्दा फिर से अहम हो गया है। NIA ने आरोप लगाया है कि प्रतिबंधित LeT के पाकिस्तान-स्थित ऑपरेटिव इस साज़िश में शामिल थे। मामले में दायर एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में, एजेंसी ने हाफ़िज़ सईद को आरोपी बनाया और हमले के पीछे की बड़ी साज़िश में उसकी भूमिका का आरोप लगाया।

पाकिस्तान के टेरर रिकॉर्ड पर सवालों के बीच शरीफ़ खामोश रहे

शरीफ़ ने तब जवाब देने से इनकार किया जब UN में पाकिस्तान के आतंकवाद से निपटने के तरीके पर फिर से सवाल उठ रहे थे। सईद के बारे में खास सवालों का जवाब देने या उस पर मुक़दमे के बारे में इस्लामाबाद का पक्ष रखने के बजाय, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दोनों ही मौकों पर पत्रकारों के पास से गुज़र गए।

यह बातचीत इसलिए भी अहम थी क्योंकि सवाल किसी आम राजनीतिक मतभेद के बारे में नहीं थे। वे सीधे तौर पर पाकिस्तान में मौजूद LeT के संस्थापक सईद से जुड़े थे, जिसे भारत ने आतंकवादी घोषित किया है और जो 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में वांछित है।

UN में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया

सईद को लेकर शरीफ़ से सवाल पूछे जाने से एक दिन पहले, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की और इस्लामाबाद पर आरोप लगाया कि वह भारत के खिलाफ़ मुद्दे उठाने के साथ-साथ अपनी घरेलू समस्याओं से ध्यान भटका रहा है।

UN मानवाधिकार परिषद में जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को क्षेत्रीय दावों या सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने के बजाय अपनी आर्थिक और विकास संबंधी चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए।

“पाकिस्तान दूसरों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने या आतंकवाद फैलाने के बजाय विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा कर सकता है, क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही परिषद में उसके ड्रामे उन कर्ज़ों को चुकाने में मदद करेंगे जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है।”

त्यागी ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में मानवाधिकारों और मानवीय चिंताओं का भी ज़िक्र किया, जिन्हें भारत ने गंभीर बताया है। उन्होंने नागरिकों की मौत, गिरफ़्तारियों और ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति पर लगी पाबंदियों की रिपोर्टों का हवाला दिया।

“पिछले शुक्रवार को इस परिषद को बताया गया था कि जून के बाद से पाकिस्तान के कब्ज़े वाले इलाके में कई नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है, और भोजन व दवाइयाँ रोकी गई हैं। जब ये बातें बताई गईं, तो पाकिस्तान का जवाब ‘पॉइंट ऑफ़ ऑर्डर’ था। अगर इस कमरे में कोई प्रतिनिधिमंडल इस परिषद की जाँच के हर मकसद को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।”

हाफ़िज़ सईद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है

शरीफ़ से पूछे गए सवालों ने हाफ़िज़ सईद के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है, ऐसे समय में जब भारत पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क पर चिंताएँ जता रहा है। पहलगाम हमले की NIA की जाँच में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफ़िज़ सईद का खास तौर पर नाम लिया गया है। एजेंसी का आरोप है कि यह हमला एक बड़ी साज़िश का हिस्सा था, जिसमें पाकिस्तान में मौजूद LeT/TRF के सदस्य शामिल थे।

इस माहौल में, जब शरीफ़ से पूछा गया कि पाकिस्तान सईद पर कब मुक़दमा चलाएगा, तो उनकी चुप्पी ने मुख्य सवाल को अनुत्तरित छोड़ दिया: भारत ने जिसे बार-बार एक मुख्य आतंकी संदिग्ध बताया है, उसके ख़िलाफ़ इस्लामाबाद क्या कार्रवाई करने का इरादा रखता है?

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