गुजरात के गिर सोमनाथ ज़िले में एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे अधिकारियों के बीच बढ़ती परेशानी के बीच आत्महत्या कर ली। अब तक कई राज्यों में नौ बीएलओ अपनी जान दे चुके हैं, जिनमें से चार ने देशव्यापी एसआईआर अभियान के दौरान अत्यधिक कार्यभार के कारण आत्महत्या कर ली। इस घटना ने कई राज्यों में बीएलओ पर बढ़ते काम के दबाव को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। पीड़ित, 40 वर्षीय शिक्षक अरविंद वढेरकोडिनार तालुका के छारा गाँव में बीएलओ के पद पर कार्यरत थे। अपनी पत्नी को लिखे एक सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वह एसआईआर के अधीन कार्यभार संभालने में असमर्थ थे। उन्होंने लिखा मैं अब एसआईआर का यह काम नहीं कर पाऊँगा। पिछले कुछ दिनों से मैं थका हुआ और परेशान महसूस कर रहा हूँ। मुझे बहुत दुख है। उन्होंने आगे लिखा कि उनके बैग में भरे सरकारी दस्तावेज़ स्कूल को सौंप दिए जाएँ

गुजरात के खेड़ा जिले में, 50 वर्षीय बीएलओरमेशभाई परमार की उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। उनके परिवार ने उनकी मृत्यु का कारण एसआईआर कार्य के अत्यधिक दबाव को बताया, यह दावा करते हुए कि चल रहे पुनरीक्षण अभियान के दौरान उन पर अत्यधिक काम का बोझ था। हुगली की एक महिला बीएलओ ने कहा कि काम का बोझ असहनीय हो गया है। उन्होंने इंडिया टुडे को बताया कि उनका पूरा दिन गणना फॉर्म इकट्ठा करने में बीत जाता है और अपने परिवार, जिसमें उनकी चार साल की बेटी भी शामिल है। 

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