Young women choosing jewelry from jewelry shop in Meena Bazaar, Red Fort, Delhi, India.

– सर्राफा कारोबारियों के चेहरे मुरझाए, 70 प्रतिशत व्यापार में आई कमी
सिटी न्यूज़ फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। लगातार सोने व चांदी के दामों में हो रहे उछाल से सर्राफा कारोबारियों के चेहरे मुरझा गए हैं। पिछले कुछ छह माह में 70 प्रतिशत व्यापार में कमी आई है। नतीजन सर्राफ के दुकानों में सन्नाटा है। मजबूरन इक्का-दुक्का आने वाले ग्राहक हल्के जेवरात पर जोर रहे है। कारोबार में गिरावट का सबसे अधिक असर सर्राफ कारीगरों पर पड़ा है। आर्डर नहीं मिलने के कारण कारीगरों का काम पूरी तरह ठप पड़ा है, नतीजन इनकी रोजी रोटी पर बन आई है।
बाजार बंदी के दूसरे दिन चैक बाजार में खासी चहल पहल थी। सड़कों पर भीड़ लेकिन सर्राफा कारोबारियों के दुकानों में सन्नाटा पसरा था। एक समय शहर की नामी गिरामी सर्राफा की दुकानों पर खरीददारों की खासी भीड़ लगी रहती थी, लेकिन आज कारोबारी ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। एक महिला ग्राहक के आने पर सर्राफ समेत वर्कर आगे पीछे लग गए। महिला ने सोने का भाव पूछते हुए एक रिंग दिखाने की बात कही लेकिन करीब दो ग्राम से भी कम रिंग के दाम 26 हजार सुनकर महिला वापस जाने लगी। सर्राफ ने हल्की रिंग दिखाने की बात कही लेकिन महिला ने बजट के बाहर सामन होने की बात कही और चली गई। दुकानदारों की माने तो वर्तमान में बढ़ी महंगाई के कारण स्टाफ का भी पूरा खर्च नहीं निकल पा रहा है। रिकार्ड छू रही कीमतों के कारण खुदरा बाजार पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। महज जरुरतमंद की खरीद कर रहे हैं।

दो गुना सोना, चांदी पांच गुना से अधिक
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि महज एक साल के अंदर जहां सोने के दामों में दो गुनी वृद्धि हो चुकी है वहीं चांदी के दामो में भी पांच गुना के करीब का अंतर आ चुका है। बताते हैं कि गत वर्ष सोना 85 हजार का दस ग्राम था लेकिन वर्तमान में इसके दाम बढ़कर 1.70 लाख रुपये दस ग्राम के हो चुके हैं। जबकि चांदी 80 हजार रुपये से बढ़कर करीब चार लाख रुपये प्रति किलो पहुंच चुकी है।

डालर, यूरो के गिरने से है असर
सर्राफा कारोबारी राजू रस्तोगी का कहना है कि चांदी के निर्यात का प्रमुख श्रोत चाइना होने के कारण यहां से निर्यात पूरी तरह से प्रभावित है, साथ ही डालर, यूरो, पाउंड, रुपये आदि में गिरावट आने के कारण इसका असर सर्राफा कारोबार पर दिख रहा है। हर देश सोने व चांदी की खरीद कर डंप करने के साथ ही वल्र्ड बैंक में जमा करना चाहता है। जिसके कारण इनकी कीमतों में भारी इजाफा होता जा रहा है जो अभी जारी रहने की उम्मीद है। सोने व चांदी पर दिनों दिन बढ़ रही महंगाई के कारण बाजार पूरी तरह से टूट चुका है। कभी खरीददारों की भीड़ रहती थी अब खरीददारों का इंतजार है। नियमित खरीद करने वाले महंगाई के कारण नदारत हो चुके हैं महज जरुरतमंद की आभूषण बनवा रहे हैं वह भी वजन हल्का किया जा चुका है।

छह माह से छिनता जा रहा रोजगार
सर्राफा कारोबारी कुलदीप रस्तोगी उर्फ पप्पन ने कहा कि सोने, चांदी की खरीद महंगाई के कारण प्रभावित होने से सर्राफा बाजार पूरी तरह से सन्नाटे में आ चुका है। सर्राफा कारोबारियों के साथ ही कारीगरों का बीते करीब छह माह से रोजगार छिनता जा रहा है। जिससे वह भुखमरी की कगार पर पहुंच रहे हैं, वर्तमान में यह बाजार पूरी तरह से धड़ाम हो चुका है।

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