– बिना पुख्ता दस्तावेजों के नौकरी का खेल उजागर
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जनपद के सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार और दबंगई का एक ऐसा काला अध्याय सामने आया है, जिसने बैंकिंग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग के एक रसूखदार श्वसूली बाबूश् के बेटे द्वारा सहकारी बैंक शाखा जोनिहा के प्रबंधक के सीने पर रिवाल्वर तानने की घटना के पीछे की असली वजह अब खुलकर सामने आ गई है। मामला अवैध रूप से बिना पुख्ता दस्तावेजों के नौकरी करने और उसके वेतन रोकने से जुड़ा है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार आरोपी उज्जवल वर्मा बिना किसी पुख्ता विभागीय दस्तावेजों के विभाग में नौकरी कर रहा था। इस गंभीर अनियमितता को शाखा प्रबंधक बृजेन्द्र सिंह ने न केवल पकड़ लिया, बल्कि पारदर्शिता बरतते हुए आरोपी का वेतन भुगतान करने से साफ मना कर दिया। प्रबंधक ने इस वित्तीय गड़बड़ी के संदर्भ में उच्चाधिकारियों को लिखित पत्राचार भी किया। अपने फर्जीवाड़े की कलई खुलते देख और वेतन रुकने से झल्लाए उज्जवल वर्मा ने अपने पिता अनिल वर्मा (वसूली बाबू) की शह पर इस दुस्साहसपूर्ण कृत्य को अंजाम दिया। बीती 13 जनवरी को उज्जवल वर्मा तीन अज्ञात साथियों के साथ प्रबंधक के केबिन में घुसा। उसने अपने पिता की लाइसेन्सी रिवाल्वर सीधे प्रबंधक के सीने में सटा दी और कॉलर पकड़कर धमकाया कि तुम अब नौकरी नहीं कर पाओगे, तुम्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा। पिता के रसूख और विभागीय पकड़ के नशे में चूर बेटे ने सरेआम एक राजपत्रित स्तर के अधिकारी की जान लेने की कोशिश की। इस प्रकरण के बीच जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित का एक गोपनीय पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। खबर है कि उन्होंने दस्तावेजों समेत एक शिकायती पत्र सहकारिता मंत्री व आयुक्त व निबंधक सहकारिता लखनऊ को भेजा है। इस पत्र में वसूली बाबू अनिल वर्मा के संदिग्ध क्रियाकलापों और नवगठित सहकारी समितियों के गठन में व्यापक गड़बड़ियों का विस्तार से उल्लेख है। यह पत्र विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ें खोदने वाला साबित हो रहा है। शाखा प्रबंधक जोनिहा के साथ हुई इस वारदात को लेकर जनपद के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में खासा रोष व्याप्त है। बैंकर्स एसोसिएशन ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि फर्जीवाड़े के दम पर नौकरी करने वाले आरोपी और उसके पिता पर कड़ी कार्यवाही नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। पीड़ित प्रबंधक ने मुख्यमंत्री पोर्टल और उच्च पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय मांगा है। इस संदर्भ में संबंधित थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत मिली है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्यवाही की जाएगी।
