शहर के मार्ग पर भ्रमण करता चुप ताजिया जुलूस।
– असीराने कर्बला की याद में निकला चुप ताजिया जुलूस
ARUN KUMAR
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। इमाम आली मुकाम सैयदना हजरत इमाम हुसैन अलै. के बहत्तर साथियों को कर्बला के मैदान में तीन दिन का भूखा व प्यासा शहीद कर दिया गया और उनके परिवार की औरतों व बच्चों को यजीदी फौज ने कैद कर शाम (सीरिया) में एक वर्ष तक कैद रखा और जब एक वर्ष बाद लुटा हुआ काफिला शाम (सीरिया) से छूटकर मदीने आया उसी लुटे हुए काफिले की याद में परंपरा के अनुसार मोहल्ला कजियाना (चूड़ी गली) इमाम बारगाह मुख्तार नकवी मरहूम से सुबह सात बजे निकल कर निर्धारित रास्तों से होता हुआ मुस्लिम चैक, एमआईसी स्कूल के रास्तों से होकर दोपहर बाद बिंदकी बस स्टाप स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
जुलूस में बिला तफरीक मजहब व मिल्लत के लोगों ने शिरकत कर इमाम आली मकाम को भावभीनी श्रद्धांजलि आंसुओं के साथ पेश की। जुलूस में जाकिरे अहले बैत यावर मेंहदी एडवोकेट ने यजीदी जुल्म की दास्तान बयान किया। दलालों की मस्जिद के पास मौलाना ने आतंकवाद के खिलाफ बोलते हुए कहा कि इस्लाम धर्म में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। इस्लाम अमन व आतिशी का मजहब है। यजीद के आतंकवाद के खिलाफ यह जुलूस ताजिए आलम हम विरोध प्रकट करने के लिए ही सड़कों पर लाते हैं। ताकि आतंकवादी प्रवृत्ति के लोग यजीद के अनुयायी पहचाने जाएं। जो लोग इस्लाम के नाम पर बेगुनाह लोगों का खून बहाते हैं उनका इस्लाम से कोई सरोकार नहीं है। वह इस्लाम को बदनाम करने के लिए इस्लाम का चेहरा लगाकर आए हैं मुसलमानों को उनसे होशियार रहना चाहिए। कर्बला में ढाए गए जुल्म की दास्तान बयान की। कहा कि हजरत हुसैन वारिसे रसूल थे, इसलिए उन्होने अपने नाना के दीन को बचाने के लिए अपना भरा घर लुटा दिया। हक और अहिंसा की ऐसी मिसाल दुनिया कभी न ला सकेगी। महात्मा गांधी ने अहिंसा का सबक कर्बला से सीखा है। ऊंची मस्जिद के पास तकरीर करते हुए मौलाना ने इस्लाम व उसके उसूलों को बयान किया और कहा कि कर्बला में हक व सदाकत चलने का संदेश देती है। रायल टेलर व दहाना की बिल्डिंग के पास मौलाना ने कर्बला की कथा सुनाई जिसे सुनकर लोगों की आंखे नम हो गईं। एमआईसी मैदान के पास से अंजुमने जाफरिया व अंजुमने अब्बासिया फतेहपुर ने नौहा ख्वानी व सीनाजनी किया। अलविदाई नौहा पढ़कर कर्बला में जुलूस को समाप्त किया। जुलूस का प्रबंध सैय्यद कसीम अब्बास नकवी मुतवल्ली ने किया। जुलूस में सै. नाजिश रजा एडवोकेट, सै. फैजान हैदर रिजवी, सै. शिराज हैदर नकवी, सै. कलीम अब्बास नकवी, सै. अदील नकवी, सै. अब्बास मेंहदी, फैयाज अख्तर, फरहत अली, मो. अकबर, सै. अनवार जैदी मौजूद रहे। जुलूस के दौरान ताजिया व अलम इंतेजामिया कमेटी ने भी शिरकत की। जिसमें अध्यक्ष मोईन चैधरी, जनरल सेक्रेटरी वारिस उद्दीन, शब्बीर अहमद, अब्दुल सलाम उर्फ बउवा, कफील अहमद, फरीद खॉं, रियाज अहमद, फरद अली (मीर साहब), लल्लू राईन, राशिद राईन, मौलाना फरीद, सलीम भी मौजूद रहे।
