प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोल, कच्चा तेल, गैस, बिजली और खाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।

प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह वैश्विक हालातों पर नजर रखते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

गैस और ईंधन की किल्लत दूर करने के लिए कड़े कदम

देश में घरेलू LPG सिलेंडरों की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में अब कमी आई है। सरकार ने राज्यों के लिए कमर्शियल गैस का कोटा बढ़ा दिया है, जिसमें अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

साथ ही, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को नए पाइप वाली गैस कनेक्शन देने में तेजी लाने की सलाह दी गई है। गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। राहत की बात यह है कि अमेरिका के टेक्सास से रसोई गैस लेकर एक बड़ा जहाज मंगलुरु बंदरगाह पहुंच चुका है, जिससे सप्लाई में सुधार होगा।

 

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