पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि ईरान में युद्ध दोबारा शुरू नहीं होगा और उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा देश पर नए हमले शुरू करने की संभावना को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के जियो न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में आसिफ ने दावा किया कि जहां इजराइल कुछ देशों पर हमला करना चाहता है, वहीं अमेरिकी जनता नहीं चाहती कि अमेरिका किसी दूसरे देश का युद्ध लड़े। हालांकि मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) संकट को लेकर वैश्विक मंच पर मचे घमासान के बीच पाकिस्तान की दोहरी नीति खुलकर सामने आ गई है। एक तरफ जहां इस्लामाबाद खुद को ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ (न्यूट्रल मेडिएटर) के रूप में स्थापित करने की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बेहद तल्ख बयान ने नए कूटनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। तनावपूर्ण माहौल में आग में घी डालने का काम करते हुए ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इजरायल के प्रति नफरत हमारे डीएनए (डीएनए) में बसी है।
रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे नाजुक वक्त पर आया है जब पूरी दुनिया की निगाहें वेस्ट एशिया के घटनाक्रम पर टिकी हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनयिक हलकों तक तीखी बहस छिड़ गई है। ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को लेकर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अफ़गानिस्तान हजारों वर्षों से युद्ध का मैदान रहा है। उसके साथ हमारे संबंध कभी अच्छे नहीं रहे। इससे पहले भी वो अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में रह चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई अपनी पोस्ट डिलीट कर दी है, जिसमें इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप बताया था।
