बलूचिस्तान जल रहा है। पाकिस्तानी सेना मर रही है और इस्लामाबाद में बैठी सरकार सिर्फ लाशें गिन रही है। क्वेटा पाकिस्तान का वही शहर जहां आज ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरी पाकिस्तानी फौज की रूह तक हिला दी। एक आर्मी ट्रेन जिसमें सैनिक भरे हुए थे। अचानक आग के विशाल गोले में बदल गई। धमाका इतना खतरनाक था कि ट्रेन के डिब्बे खिलौने की तरह हवा में उछल गए। चारों तरफ सिर्फ धुआं, चीखें, कटे हुए शरीर और बिखरा हुआ खून दिखाई दे रहा था। कहा जा रहा है कि चमन फाटक के पास बारूद से भरी कार ने सीधे ट्रेन को टक्कर मारी और अगले ही सेकंड ऐसा विस्फोट हुआ जिसने क्वेटा को युद्ध का मैदान बना दिया। घटना स्थल से आई तस्वीरें पाकिस्तान की बर्बादी की कहानी खुद बता रही है। एक डिब्बा पूरी तरह पलटा पड़ा है।

जवानों के बैग, हथियार और खून से सने कपड़े पटरी पर बिखरे पड़े हैं। घायल सैनिक दर्द से चीख रहे हैं और पाकिस्तानी फौज सिर्फ इलाके को घेर कर तमाशा देख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। 70 से ज्यादा घायल है और मरने वालों में पाकिस्तानी सेना के जवान बड़ी संख्या में शामिल है। लेकिन यह सिर्फ एक धमाका नहीं है। यह पाकिस्तान के टूटते सिस्टम का लाइव प्रूफ है। क्योंकि जिस देश ने दशकों तक आतंकवाद को पाल कर रखा आज वही आतंक उसकी छाती पर चढ़कर गोलियां चला रहा है।

सबसे ज्यादा आग लगी है बलूचिस्तान में। वही बलूचिस्तान जहां के लोग सालों से पाकिस्तान के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। जहां लोग यह कहते हैं कि पाकिस्तान उनकी जमीन लूट रहा है। उनके गैस, सोना और खनिजों पर कब्जा कर रहा है। लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ गरीबी, बेरोजगारी और सेना की गोलियां मिल रही है। यही वजह है कि वहां बीएलए यानी कि बलचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे संगठन खुलेआम पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं, टारगेट कर रहे हैं। अब हाल यह है कि पाकिस्तान की सबसे चर्चित ट्रेन जाफर एक्सप्रेस आतंक का दूसरा नाम बन चुकी है। पिछले साल इसी ट्रेन को हाइजैक किया गया। सैनिकों को बंधक बनाया गया और अब फिर वही ट्रेन खून से लाल हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पाकिस्तान अपनी सेना की ट्रेन नहीं बचा पा रहा तो आम लोगों की सुरक्षा क्या ही कर पा रहा होगा। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 में पहले ही पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बता चुका है। पाकिस्तान सिर्फ आतंक प्रभावित नहीं बल्कि अंदर से टूट चुका देश बनता जा रहा है। खेबर पख्तून ख्वा जल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now