भारत में पाकिस्तान के पूर्व हाई कमिश्नर अब्दुल बासित के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। एक चर्चा के दौरान उन्होंने बेहद चौंकाने वाला सुझाव दिया कि यदि पाकिस्तान पर कोई बाहरी हमला होता है, तो उसे भारत के मुंबई और नई दिल्ली जैसे शहरों को निशाना बनाना चाहिए।

बासित ने एक काल्पनिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, ‘अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो हमें बिना एक पल गंवाए भारत पर हमला करना होगा। हम इसे छोड़ेंगे नहीं; उसके बाद जो भी अंजाम होगा, देखा जाएगा।’ हालांकि उन्होंने इस स्थिति को नामुमकिन बताया, लेकिन भारत के प्रमुख शहरों का सीधा नाम लेने की वजह से उनके बयान की कड़ी आलोचना हो रही है।

पूर्व राजनयिक के बयान से बढ़ा तनाव

अब्दुल बासित 2014 से 2017 तक नई दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक रह चुके हैं। उनके इस पुराने पद की वजह से उनके बयान को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने अपनी दलील में कहा कि अगर कोई पाकिस्तान की तरफ बुरी नजर से देखता है, तो उनके पास भारत पर हमला करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

 

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में पहले से ही काफी तनाव है। हालांकि बासित ने यह भी जोड़ा कि न तो पाकिस्तान ऐसा चाहता है और न ही भारत, लेकिन उनकी इस तरह की बयानबाजी ने क्षेत्रीय सुरक्षा और पूर्व अधिकारियों की भाषा की मर्यादा पर एक नई बहस छेड़ दी है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव

बासित की ये टिप्पणियां उस वक्त आई हैं जब पाकिस्तान के संबंध अपने पड़ोसियों, खासकर अफगानिस्तान के साथ बेहद खराब चल रहे हैं। अफगानिस्तान के अधिकारियों ने पाकिस्तानी सेना पर काबुल, कंधार और पक्तिका जैसे इलाकों में हवाई हमले करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद का दावा है कि इन हमलों में आम नागरिकों और पुनर्वास केंद्रों को निशाना बनाया गया है, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। हालांकि भारत सरकार की ओर से बासित के बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तीखी चर्चा जारी है।

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