बिहार के खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद् ने बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 के अधिसूचना प्रारूप को स्वीकृति प्रदान कर दी है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नौकरी की स्पष्ट और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
संशोधित नियमावली के तहत ओलंपिक खेलों में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों, ओलंपिक में शामिल किसी भी खेल विधा के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों, क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे 5400 रुपये) में नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार, एशियाई खेल एवं राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल खेल विधाओं के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे 4600 रुपये) में नियुक्ति दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, नेशनल गेम्स एवं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के किसी भी प्रारूप में स्वर्ण एवं रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वेतन स्तर-06 (ग्रेड पे 4200 रुपये) में नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों ने सदैव राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस संशोधित नियमावली के माध्यम से हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनके परिश्रम और समर्पण का उचित पुरस्कार मिले। मुझे विश्वास है कि यह निर्णय न केवल हमारे मौजूदा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा, बल्कि बिहार के लाखों युवाओं को खेलों को अपने करियर के रूप में अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह निर्णय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेलों को करियर के रूप में अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नई व्यवस्था से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त करने का मार्ग और अधिक सुगम होगा तथा बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
