बता दें कि अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 9,140 रुपये यानी करीब 6 फीसदी टूटकर 1,43,205 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी 17,515 रुपये की गिरावट के साथ 2,74,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

 

कीमती धातुओं में इस तेज बिकवाली का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी दिखा, जहां एमसीएक्स के शेयर 10 फीसदी गिरकर 2,145.25 रुपये के लोअर सर्किट पर बंद हुए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को भी सोना और चांदी में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

 

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह गिरावट ऐसे समय आई है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने जा रही हैं। इसी वजह से एमसीएक्स को 1 फरवरी को विशेष रविवार सत्र के लिए खोला गया था।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि बीते कुछ महीनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। गुरुवार को सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद शुक्रवार तक सोना करीब 1.5 लाख और चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गई।

 

मिराए एसेट शेयरखान के आंकड़ों के मुताबिक, हालिया गिरावट में सोने का वैश्विक मार्केट कैप लगभग 3.5 ट्रिलियन डॉलर घटा है, जबकि चांदी में करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई है। हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक सोना करीब 3 ट्रिलियन और चांदी 2 ट्रिलियन डॉलर की बढ़त बनाए हुए है।

 

जानकारों के अनुसार, मुनाफावसूली के अलावा लंबी पोजिशनों की भारी कटौती और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी दबाव बनाया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और नेतृत्व को लेकर अटकलों ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है।

 

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के मनीष शर्मा के मुताबिक, अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखते हुए महंगाई को अभी भी ऊंचा बताया है, जिससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत हुए हैं और इसका सीधा असर सर्राफा बाजार पर पड़ा है।

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