केंद्र सरकार ने कीमती धातुओं के आयात को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के बढ़ते दुरुपयोग और घरेलू उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों के आयात पर तत्काल प्रभाव से अंकुश (Restrictions) लगा दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई नीति ‘अध्याय 71’ के तहत आने वाले सभी उत्पादों पर लागू होगी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के मुताबिक, ये अंकुश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। यह रोक पहले से किए गए सौदों या भुगतान जैसी किसी भी शर्त के बावजूद लागू होगी। इसके साथ ही, संक्रमणकालीन प्रावधान का लाभ भी उपलब्ध नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि अध्याय 71 के तहत आने वाले उत्पादों की आयात नीति में संशोधन किया गया है।

इस अध्याय में प्राकृतिक या संवर्धित मोती, कीमती या अर्द्ध-कीमती पत्थर, कीमती धातुएं, कीमती धातुओं से जड़े उत्पाद, आभूषण, नकली गहने और सिक्के शामिल हैं। सरकार एक दिन पहले सोना, चांदी और प्लैटिनम आभूषण के आयात पर भी इसी तरह की पाबंदी लगा चुकी है। अब नए कदम के साथ इन कीमती धातुओं से जुड़े सभी तरह के उत्पादों के आयात को भी अंकुश की श्रेणी में डाल दिया गया है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, कुछ आयातक भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता का दुरुपयोग कर शुल्क में मौजूद अंतराल का फायदा उठा रहे थे।

इसके अलावा वे थाइलैंड जैसे देशों से बिना रत्न-पत्थर वाले आभूषण के नाम पर कीमती धातुओं का आयात कर रहे थे। एक उद्योग अधिकारी ने कहा कि लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक कारोबारी इस कदम से प्रभावित न हों। भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समूह आसियान के बीच वस्तुओं के व्यापार पर यह समझौता 2010 से लागू है। इससे पहले सरकार प्लैटिनम और चांदी के आभूषणों के आयात पर भी समय-समय पर इसी तरह के अंकुश लगा चुकी है।

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