प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो दिवसीय इजराइल यात्रा ने दोनों देशों के बीच सात साल पुरानी ‘रणनीतिक साझेदारी’ को एक नए धरातल पर पहुंचा दिया है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और कृषि जैसे प्रमुख स्तंभों पर द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने के लिए व्यापक सहमति बनी।

नेतन्याहू के साथ वार्ता से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को इजराइल पहुंचे। नौ वर्षों में यह मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा है।

जुलाई 2017 में मोदी की इजराइल की पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था। भारत और इजराइल विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, कृषि, जल और जन-जन संबंधों के क्षेत्र में मजबूत सहयोग के साथ एक सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत-इजराइल संबंधों में तेजी आई है, जिसमें रक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें इजराइल भारत को कई सैन्य मंच और हथियार प्रणालियां मुहैया करा रहा है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में भी लगातार प्रगति देखने को मिल रही है। नवंबर में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की इजराइल यात्रा के दौरान, भारत और इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता शुरू करने के लिए विचारणीय विषयों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए गए थे।