हाल ही में मारुति सुजुकी इंडिया ने रेलवे के माध्यम से 2025 में 5.85 लाख से अधिक वाहनों को भेजा। यह 2024 की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मोटर वाहन विनिर्माता कंपनी ने कहा कि आपूर्ति में रेल परिवहन की उसकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है जो 2016 में 5.1 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 26 प्रतिशत हो गई है।इससे कार्बन उत्सर्जन, देश के तेल आयात में उल्लेखनीय कमी आई है और सड़क पर लगने वाला जाम भी कम हुआ है।

मारुति के सीईओ क्या बोले हैं?

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने बयान में कहा, ‘‘ वर्ष के दौरान हमने दो अहम उपलब्धियों के जरिये अपने हरित लॉजिस्टिक्स प्रयासों को मजबूत किया। पहला, मानेसर संयंत्र में भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल ‘इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ का उद्घाटन। दूसरा, चेनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ‘आर्च ब्रिज’ के माध्यम से कश्मीर घाटी तक रेल से वाहनों की आपूर्ति.. जो किसी भी मोटर वाहन कंपनी द्वारा पहली बार किया गया।’’

उन्होंने कहा कि कंपनी का मध्यावधि लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल के जरिये वाहन आपूर्ति को 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है जिससे 2070 तक भारत के शुद्ध-शून्य लक्ष्य में योगदान मिलेगा। वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक मारुति सुजुकी ने ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ के तहत देशभर के 600 से अधिक शहरों को सेवा देने वाले 22 गंतव्यों से 28 लाख से अधिक वाहनों की आपूर्ति की है।

 कंपनी के बारे में

 

देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी वर्तमान में 45 से अधिक ‘फ्लेक्सी डेक रेक’ का उपयोग करती है जिनमें से प्रत्येक की प्रति यात्रा करीब 260 वाहनों को ढोने की क्षमता है। कैलेंडर वर्ष 2025 में रेले से की गई कुल आपूर्ति में गुजरात और मानेसर संयंत्रों की ‘इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ से हुई रेल आपूर्ति की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत रही।

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