उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा प्रशासन ने शहर में मौजूद 65 खतरनाक स्थानों की पहचान की है। इनमें से 52 स्थान नोएडा अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जहां एक हफ्ते के भीतर सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर सुधार के लिए समयसीमा तय करने का फैसला मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता नोएडा अथॉरिटी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने की, जिसमें सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्रवाई 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के करीब 10 दिन बाद की गई।

युवराज की कार सेक्टर-150 में एक तेज मोड़ पर पानी भरी खाई में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद युवराज के पिता और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि मौके पर न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर मौजूद थे।

इस मामले ने शहर में नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं। लापरवाही के आरोपों के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया था, जबकि एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थीं।

अधिकारियों ने बताया कि शेष 13 खतरनाक स्थान अन्य विभागों से जुड़े हैं, जिन्हें 20 फरवरी तक समस्याएं दूर करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए जाएंगे। समीक्षा बैठक में गांवों में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या भी सामने आई।

अधिकारियों ने बताया कि नालों में गोबर और कचरा डाले जाने से हालात और बिगड़ रहे हैं। इसके समाधान के लिए 10 दिनों के भीतर वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण के लिए रुचि पत्र आमंत्रित करने का फैसला लिया गया है। युवराज मेहता की मौत से कुछ दिन पहले, 2 जनवरी को उसी स्थान पर एक ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

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