टी20 विश्व कप 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, भारतीय टीम का आत्मविश्वास भी उसी रफ्तार से बढ़ता नजर आ रहा है। टी20 विश्व कप में मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम ने नीदरलैंड्स को हराकर लगातार 12वीं जीत दर्ज की है और सुपर 8 चरण में अजेय बढ़त के साथ प्रवेश किया है।
बता दें कि टीम का संतुलन इस समय उसकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में गहराई साफ दिख रही है। हालांकि पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि एक चयन को लेकर अभी भी चर्चा संभव है।
मौजूद जानकारी के अनुसार शास्त्री ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़े मुकाबले में टीम शायद ही ज्यादा बदलाव करेगी। उनके मुताबिक मौजूदा एकादश में लगभग हर विभाग कवर है और विकल्पों की कमी नहीं है। उन्होंने खास तौर पर ओस की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प अहम हो सकता है।
गौरतलब है कि शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी में योगदान दे सकते हैं। शास्त्री का मानना है कि जीतते संयोजन से छेड़छाड़ की संभावना कम है।
इस अभियान में भारत की खास बात यह रही है कि हर मैच में अलग-अलग खिलाड़ी ने जिम्मेदारी संभाली है। कभी ईशान किशन ने तो कभी सूर्यकुमार यादव ने टीम को संभाला है। तिलक वर्मा ने भी अहम पारियां खेली हैं। शास्त्री ने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा अभी तक बड़े रन नहीं बना पाए हैं, लेकिन बड़े मुकाबलों के लिए उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बचा होना सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
हालांकि चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतिम एकादश में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर में से किसे मौका दिया जाए। दोनों ही स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में गहराई देते हैं, लेकिन जगह एक ही है।
सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। शास्त्री का मानना है कि यह दो मजबूत टीमों के बीच कड़ा मुकाबला होगा। दक्षिण अफ्रीका को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि उनकी बल्लेबाजी भी काफी गहरी है।
मौसम की भूमिका भी अहम हो सकती है। पिच की जानकारी और घरेलू परिस्थितियों का फायदा भारत को मिल सकता है, लेकिन ओस मैच का रुख बदल सकती है। ऐसे में टॉस भी निर्णायक साबित हो सकता है।
जानकारों का मानना है कि भारत की मौजूदा लय और संतुलन उसे खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाता है, लेकिन नॉकआउट चरण में छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। फिलहाल टीम का फोकस निरंतरता बनाए रखने और सही संयोजन के साथ आगे बढ़ने पर टिका हुआ है।
