अमेरिका की सत्ता में इस वक्त भूचाल मचा हुआ है। इसके केंद्र में है डोनाल्ड ट्रंप। ईरान से बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन में लगातार बड़े-बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। ईरान की मार ना झेल पा रहे डोनाल्ड ट्रंप अब इसका ठीकरा अपने अधिकारियों पर मड़ रहे हैं। बारी-बारी उन्हें निकाला जा रहा है और कुछ को समय से पहले रिटायरमेंट पर भेजा जा रहा है। कुछ से जबरदस्ती रेजीग्रनेशन ली जा रही है। ईरान से जंग के बीच अमेरिका में बड़ा बवाल हुआ है। जहां पेंटागॉन में अचानक हुए एक बड़े फैसले ने सबको चौंका दिया है। दरअसल अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेक्सट ने यूएस आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ रडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है और अमेरिकी सेना अपनी मौजूदगी को लगातार मिडिल ईस्ट में बढ़ा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जनरल रडी जॉर्ज के कार्यकाल में अभी 1 साल से भी ज्यादा का समय बाकी था। लेकिन उन्हें पद छोड़कर जाना पड़ा है।  इसी कड़ी में सबसे बड़ा नाम शामिल है काश पटेल का। रिपोर्ट के मुताबिक फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक काश पटेल का निजी ईमेल अकाउंट हैक कर लिया गया था। यह अकाउंट माना जा रहा था कि ईरान ने हैक किया है। हैकिंग का दावा किया गया। कहा गया कि पटेल के निजी तस्वीरें, दस्तावेज सभी कुछ लीक कर लिए गए हैं और सार्वजनिक इसे फैला दिए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने भी माना कि अकाउंट हैक हुआ है और लीक हुई सामग्री पहली नजर में असली लग रही है। यानी बड़ा सवाल यह कि क्या ईरान समर्थित हैकर्स अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच चुके हैं? और इसी बौखलाहट में डोनाल्ड ट्रंप अब बड़े फैसले ले सकते हैं। काश पटेल को उनके पद से हटाया जा सकता है। और इसी में एक और बड़ा नाम है नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गाबार्ड का। जी हां, कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन में चल रही इस बड़ी उथल-पुथल के बीच उनका नाम भी संभावित बदलाव की लिस्ट में साफ तौर पर देखा जा सकता है। इससे पहले सबसे बड़ा झटका लगा था अमेरिकी आर्मी को। रक्षा मंत्री पेट हेक्सन ने थल सेना अध्यक्ष आर्मी चीफ रडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया था। इसके बाद कई अधिकारियों से जबरन इस्तीफे लिए जाने और कुछ को समय से पहले रिटायर करने की खबर भी सामने आई। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप की बौखलाहट का नज़र तो तब पेश हुआ जब उन्होंने अपने सबसे भरोसेमंद अटॉर्नी जनरल पॉप बोंडी को भी बर्खास्त कर दिया।
दरअसल बताया जा रहा है कि ट्रंप बॉडी से काफी समय से नाराज थे। कारण दो बताए जा रहे हैं। पहला जेफरी एफस्टीन से जुड़ी फाइल्स को लेकर विवाद और दूसरा ट्रंप के विरोधियों के खिलाफ सख्त कारवाई ना कर पाना। ट्रंप चाहते थे कि न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लैटिना जेम्स और पूर्व एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कौमी पर कड़ी कार्यवाही हो। लेकिन ठोस सबूतों की कमी ने मामला कमजोर कर दिया। अब कयास यह भी लगाया जा रहा है कि अगला नंबर काश पटेल या फिर तुलसी गबार्ड का हो सकता है क्योंकि बढ़ते दबाव और सुरक्षा खतरों के बीच ट्रंप प्रशासन बड़े फैसले लेने के मूड में दिख रहा है। तो क्या यह फैसला प्रशासन को मजबूत करने के लिए है या फिर बढ़ते दबाव में लिए जा रहे ताबड़तोड़ एक्शन अमेरिका की सियासत में यह उथल-पुथल आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। अब डोनाल्ड ट्रंप की इस घबराहट पर आपकी क्या राय है? क्या यह फैसला सच में किसी बड़े रणनीति का नतीजा है या फिर घबराहट में लिया गया फैसला? कमेंट करके अपनी राय जरूर दें और हमारी अगली रिपोर्ट में देखिए मिडिल ईस्ट में क्या कुछ खास।
ईरान अमेरिका का युद्ध लगातार जारी है। इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अंदर एक बड़ा रणनीतिक और प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेक्ससेथ ने थल सेना अध्यक्ष जनरल रडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पारनेल ने एक्स पर इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जनरल जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं।

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