कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के परिसर में मौजूद एक मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने के प्रस्ताव पर चल रहे विवाद के बीच, बांग्लादेश में पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक सौरव सिकदर के लिए मौत की सज़ा की मांग करने वाले एक विरोध प्रदर्शन ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। शुक्रवार को ढाका में बांग्लादेश की नेशनल मस्जिद, बैतुल मुकर्रम के बाहर प्रदर्शनकारियों का एक समूह इकट्ठा हुआ। उनके हाथों में ऐसे बैनर थे जिनमें सिकदर को एयरपोर्ट परिसर से मस्जिद को हटाने की कोशिश के पीछे का खलनायक (विलेन) बताया गया था। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दम दम नॉर्थ के विधायक को फांसी दी जाए। सिकदार, जिनके दम दम नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में कोलकाता एयरपोर्ट आता है, मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने की पुरज़ोर वकालत करते रहे हैं। उनका तर्क है कि मस्जिद की जगह सुरक्षा और कामकाज के लिहाज़ से चिंता का विषय है। उन्होंने पहले भी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाया था और सुरक्षा में कथित खामियों तथा एयरपोर्ट के विस्तार की ज़रूरत का हवाला दिया था। विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सिकदार ने कहा कि उन्हें पत्रकार दोस्तों से प्रदर्शन के वीडियो मिले हैं और दावा किया कि इस विरोध का मकसद उन्हें डराना-धमकाना था।
उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है और मेरे कुछ पत्रकार दोस्तों ने मुझे ऐसे विरोध प्रदर्शन के वीडियो भेजे हैं जिनमें मेरी मौत की सज़ा की मांग की जा रही है। अगर लोग भारत में ऐसी हरकतें नहीं कर पाते, तो वे बांग्लादेश में ऐसा करने की कोशिश करते हैं। बांग्लादेश हमारा मित्र देश है और मैं वहां की सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह ऐसी गतिविधियों की अनुमति न दे, क्योंकि यह भारत सरकार से जुड़ा मामला है। बीजेपी विधायक ने फिर कहा कि मस्जिद एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) की ज़मीन पर बनी है और केंद्र सरकार इस मामले पर पहले ही फ़ैसला ले चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत स्थानीय स्तर पर निषेधाज्ञा लागू की गई है, जिससे इस मुद्दे पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। सिकदार ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हो रहा विरोध प्रदर्शन, मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने का विरोध करने वालों की “हताशा” को दिखाता है। उन्होंने इस प्रदर्शन के पीछे की ताकतों की जांच की मांग की।
अपने रुख का बचाव करते हुए विधायक ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार और यात्रियों की सुरक्षा, दोनों के लिए मस्जिद को दूसरी जगह ले जाना ज़रूरी है। उन्होंने दावा किया कि यह ढांचा एक हाई-सिक्योरिटी ‘लेवल-3 ज़ोन’ में है, जहां से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य VIPs को ले जाने वाली उड़ानें गुज़रती हैं।
