शांति समझौते के कुछ ही समय बाद अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त शब्दों में खुली धमकी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो उसे दुनिया के नक्शे से ही मिटा दिया जाएगा। यह धमकी तब आई है जब दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं, जिससे इस पूरे इलाके में फिर से भयानक युद्ध छिड़ने का डर पैदा हो गया है।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर वॉर्निंग शॉट
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर से बड़े हमले किए हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर ईरान अब भी सबक नहीं सीखता है, तो हमें मजबूरन मिलिट्री पावर का पूरा इस्तेमाल करना पड़ेगा। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने सीजफायर का सम्मान नहीं किया, इसलिए अमेरिकी विमानों ने उनके मिसाइल-ड्रोन डिपो और तटीय रडार साइटों को तबाह कर दिया।
ईरान का पलटवार
दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका पर वादाखिलाफी का बड़ा आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी एयरफोर्स ने उनके दक्षिणी तट पर मौजूद सर्विलांस ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के मुताबिक, ये हमले उस अंतरिम समझौते का सरेआम उल्लंघन हैं, जो दोनों देशों के बीच पिछले चार महीने से चल रही जंग को रोकने के लिए किया गया था। ईरान ने तंज कसते हुए कहा कि पीठ पीछे वार करना और अपने वादों को तोड़ना अमेरिका की पुरानी आदत है।
क्यों भड़का अमेरिका? सेंटकॉम ने बताई वजह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पूरे एक्शन पर अपनी सफाई दी है। सेंटकॉम का कहना है कि उन्होंने तेहरान को शांति समझौते को मानने का पूरा मौका दिया था, लेकिन ईरान ने इसे हल्के में लिया। ईरानी सेना ने एक कमर्शियल जहाज ‘एम/टी किकू’ पर ड्रोन से हमला कर दिया। इस हरकत के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर करीब 10 ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की और उनके मिसाइल सेंटर्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।
कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान ने किए अटैक
इस पूरे विवाद में ईरान भी पीछे नहीं हटा। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने रविवार सुबह कुवैत में मौजूद ‘अली अल-सलेम एयरबेस’ और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय सहित कुल 8 ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने इस ज्वाइंट ऑपरेशन में कई बैलिस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दागे। आईआरजीसी ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका की इन हरकतों की वजह से अब शांति समझौते की आगे की बातचीत पूरी तरह ठप हो सकती है।
