दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मोसाद जो दुनिया के किसी भी कोने में घुसकर अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए जानी जाती है। लेकिन क्या हो जब मोसाद के निशाने पर किसी आतंकी संगठन का सरगना नहीं बल्कि एक परमाणु संपन्न देश की सेना का प्रमुख आ जाए। जी हां, एक ऐसा दावा जिसने ग्लोबल मीडिया और कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्विट्जरलैंड की वादियों में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हत्या का सीक्रेट ऑर्डर दे दिया था और जब इस बात की भनक पाकिस्तान को लगी तो उसने इजराइल को नक्शे से मिटाने की ऐसी धमकी दी जिससे मोसाद को भी अपने कदम पीछे खींचने पड़े।

इस पूरी सनसनीखेज कहानी की शुरुआत होती है एक मशहूर पडकास्ट से। लिबनानी ऑस्ट्रेलियाई राजनीतिक विश्लेषक मारियो नाफेल के शो में दुनिया भर के खुफिया जानकारी रखने वाले जानेमाने ब्राजीलय पत्रकार पेपे एस्कुबार मेहमान बनकर आए थे। एस्कुबार कोई आम पत्रकार नहीं है। उनकी जिओपॉलिटिक्स और खुफिया तंत्र पर गहरी पकड़ मानी जाती है। इसी इंटरव्यू के दौरान एस्कुबार ने अपनी टॉप सीक्रेट खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए एक ऐसा बम फोड़ा जिसने सबको सन कर दिया। उन्होंने दावा किया कि मोसाद ने एक बेहद हाई प्रोफाइल टारगेट को स्विट्जरलैंड में एलिमिनेट करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। अब सवाल उठता है कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ स्विट्जरलैंड में क्या कर रहे थे?

इस अखुखबार के मुताबिक स्विट्जरलैंड के आलीशान बर्गन स्टॉक रिसोर्ट में एक बेहद गुप्त बैठक चल रही थी। यह बैठक सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच हो रही थी। आप जानते ही हैं कि मध्य पूर्व में इस वक्त तनाव चरम पर है और अमेरिका ईरान के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है। इस बेहद नाजुक बातचीत में क़तर और पाकिस्तान मीडिएटर की भूमिका निभा रहे थे। इसी डेलीगेशन का हिस्सा थे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर। दावा है कि इजराइल इस अमेरिका ईरान सीक्रेट मीटिंग से बेहद खफा था और किसी भी कीमत पर इस मध्यस्था को नाकाम करना चाहता था। इसीलिए नेतन्याहू के इशारे पर मोसाद ने सीधे पाकिस्तानी डेलीगेशन और खासतौर पर आसिम मुनीर को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। लेकिन मोसाद इस बार चूक गया। एस्कुबार का दावा है कि पाकिस्तानी सेनाओं और उनकी खुफिया एजेंसी को इस साजिश की सॉलिड इनपुट्स मिल गए। जैसे ही पाकिस्तान को पता चला कि उनके आर्मी चीफ की जान को खतरा है। इस्लामाबाद में हड़कंप मच गया। इसके बाद जो हुआ वह कूटनीतिक इतिहास में शायद ही कभी हुआ हो। पाकिस्तान ने बैक चैनल और ओमान के मध्यस्थों का इस्तेमाल करते हुए इज़राइल को एक सीधा और खौफनाक अल्टीमेटम भेजा। इस बार के शब्दों में कहें तो पाकिस्तान का संदेश था अगर आपने हमारे प्रतिनिधिमंडल या अधिकारियों को खरोच भी पहुंचाई तो हम इजराइल को दुनिया के नक्शे से पूरी तरह से मिटा देंगे।

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