उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पिछले नौ सालों में राज्य ने ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी से निकलकर भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने का सफर तय किया है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय अच्छे शासन, टीम वर्क और टेक्नोलॉजी के प्रभावी इस्तेमाल को दिया। डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) के नए अत्याधुनिक परिसर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य की विकास यात्रा शासन और लोगों की सोच में आए बदलाव को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ सालों में, उत्तर प्रदेश उस पहचान के संकट से बाहर निकल आया है जिसका सामना उसे कभी करना पड़ा था। आज राज्य ने खुद को उन राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर लिया है, जहाँ न तो सरकार, न ही प्रशासनिक तंत्र और न ही जनता को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता है। राज्य की आर्थिक प्रगति का ज़िक्र करते हुए CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे पिछड़ी पाँच अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी से निकलकर शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। इसने ‘बीमारू’ राज्य के ठप्पे से मुक्ति पाई है, सुरक्षा और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं, भीड़-भाड़ के प्रभावी प्रबंधन का उदाहरण पेश किया है और यह दिखाया है कि तकनीक किस तरह आम नागरिकों के जीवन को बदल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का स्वरूप न केवल राजनीतिक नेतृत्व से, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के कामकाज से भी तय होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के बारे में जनता की राय प्रशासनिक तंत्र के कामकाज से बनती है। नौकरशाही सरकार और जनता के बीच एक पुल का काम करती है। जब यह पुल प्रभावी ढंग से काम करता है, तो सरकारी योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंचती हैं और लोगों की सोच बदलती है।
पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में सुधारों का ज़िक्र करते हुए, CM योगी ने कहा कि 2017 से पहले राशन वितरण को लेकर शिकायतें आम थीं, लेकिन e-PoS मशीनें आने के बाद इनमें काफ़ी कमी आई। उन्होंने कहा कि हमने e-PoS मशीनें लगाईं और शिकायतें बंद हो गईं। टेक्नोलॉजी ने आम आदमी की समस्या का समाधान किया। आज गरीबों को उनका राशन मिल रहा है और सिस्टम में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगी है। टीमवर्क के महत्व पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टीमवर्क और सकारात्मक सोच ही हमें सफलता दिलाएगी। अगर हम अकेले काम करेंगे, टीम भावना को खत्म करेंगे या दूसरों के प्रति नकारात्मक सोच रखेंगे, तो हम नतीजे नहीं दे पाएंगे।
