रामगंगा नहर में शव मिलने के बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल व ग्रामीणों की भीड़।
– जीजा पवन के साथ बेटे के लिए लड़की देखने निकला था राजू, फिर नहीं लौटा घर
– पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज, पुलिस ने शुरू की जांच
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। औंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव में हुए खूनी संघर्ष के बीच करीब 48 घंटे से लापता चल रहे राजू विश्वकर्मा (48) का शव रामगंगा नहर से बरामद होने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर पुलिया के नीचे नहर में फंसे शव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान राजू विश्वकर्मा पुत्र महावीर विश्वकर्मा के रूप में की।
राजू का शव मिलने के बाद बीकमपुर में हुई घटना से जुड़े सवाल और गहरे हो गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के जरिए राजू की मौत की वास्तविक वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दो सितंबर से हुई थी। आशापुर निवासी पवन विश्वकर्मा राजू को अपने पुत्र राजकरन के लिए लड़की दिखाने की बात कहकर साथ ले गया था। कुछ समय बाद पवन अकेला वापस लौट आया। परिजनों ने राजू के बारे में पूछा तो उसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद राजू के अचानक लापता होने पर परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए औंग थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने गुमशुदगी का अभियोग दर्ज कर राजू की तलाश शुरू कर दी। उसकी तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया और संभावित स्थानों पर सुरागरसी की जाती रही। पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि पवन के साथ जाने के बाद राजू आखिर कहां गया।
इसी बीच तीन सितंबर की रात बीकमपुर गांव में हुई खूनी वारदात ने पूरे मामले को और उलझा दिया। पुलिस के मुताबिक पवन विश्वकर्मा ने अपने ससुरालीजनों राजेश, राजकरन, प्रदीप, गोरे और बुद्धा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से परिवार में चीख-पुकार मच गई और पांच लोग घायल हो गए। घटना के दौरान बीच-बचाव और आत्मरक्षा में पवन विश्वकर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पवन की मौत और राजू के लापता होने के बाद पुलिस के सामने पहले से ही कई सवाल थे। अब राजू का शव नहर से मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर पड़ताल कर रही है।
इनसेट : राजू की मौत से जुड़े सवालों में उलझी पुलिस
राजू की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? क्या उसकी मौत नहर में डूबने से हुई या उसके पीछे कोई दूसरी वजह है? पवन के साथ जाने के बाद राजू कहां गया था? उसका शव मुरादीपुर की रामगंगा नहर तक कैसे पहुंचा? इन सवालों के जवाब तलाशना पुलिस के लिए अहम हो गया है।
पुलिस का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
