फोटो परिचय- बाढ़ की स्थिति की जानकारी देतीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।
– अभयपुर, आशापुर समेत कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
– आपदा चौकियां सक्रिय, राहत शिविरों में पहुंचाए गए प्रभावित परिवार; भोजन-पानी की व्यवस्था
सिटी न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिंदकी तहसील क्षेत्र के अभयपुर और आशापुर गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि सन्नाहपुर और जाड़े का पुरवा भी बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी ला दी है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ आपदा चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और राहत एवं बचाव टीमों को लगातार निगरानी के लिए लगाया गया है। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में विस्थापित किया गया है।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में खाद्य सामग्री, लंच पैकेट, स्वच्छ पेयजल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कराई जा रही है। अभयपुर और आशापुर ग्राम पंचायतों में बाढ़ आपदा राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं सन्नाहपुर और जाड़े का पुरवा गांव में भी तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर प्रशासन की पैनी नजर है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक और राहत-बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं तथा स्थिति के अनुसार तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ के चलते कुछ संपर्क मार्ग प्रभावित हुए थे, जिन्हें अस्थायी मरम्मत के बाद आवागमन के लिए चालू कराया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ उन्हें भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए आपदा मित्र, सशस्त्र बलों के जवान और जिला प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जाएगा।
