फोटो परिचय- अधिकारियों-कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलातीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।
– कलेक्ट्रेट में डीएम ने फहराया तिरंगा, अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
– महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन, समयबद्ध कार्य निस्तारण पर दिया जोर
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के संदेश से गूंज उठा। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी। राष्ट्रगान के बाद उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा बुद्ध की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में गांधी एवं शास्त्री जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपने आचरण और विचारों से देश को नई दिशा दी। उनके सिद्धांत आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने की सार्थकता तभी है, जब उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारा जाए।
डीएम ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश देते हुए कहा कि सरकारी सेवक की जिम्मेदारी सीधे आमजन की समस्याओं और सुविधाओं से जुड़ी होती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ करना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। नियमानुसार मामलों का समय से निस्तारण करते हुए पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना ही गांधी और शास्त्री के प्रति वास्तविक सम्मान होगा।
विचार गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी समेत कलेक्ट्रेट के अधिकारियों-कर्मचारियों और संभ्रांत नागरिकों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, सादगी तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
