पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेतीं छात्राएं।
– राजकीय महिला महाविद्यालय में भूजल सप्ताह का समापन
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 16 से 22 जुलाई तक आयोजित भूजल सप्ताह के अंतर्गत डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन को लेकर सप्ताह भर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। भूजल संरक्षण जनभागीदारी से जल सुरक्षा थीम पर आयोजित कार्यक्रमों में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल बचाने का संदेश दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव के संरक्षण एवं मार्गदर्शन, जल संचयन समिति के प्रभारी डॉ. राज कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान निबंध लेखन, पोस्टर एवं स्लोगन तथा भाषण प्रतियोगिताएं कराई गईं। छात्राओं को भूजल संरक्षण, जल संकट, वर्षा जल संचयन, जलवायु परिवर्तन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। निबंध प्रतियोगिता में शैलजा सिंह ने प्रथम, स्नेहा सिंह ने द्वितीय तथा प्रसिद्धि श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता में उमा पटेल, इकरा और स्वाति विश्वकर्मा संयुक्त रूप से प्रथम, तनिष्क द्वितीय तथा प्रसिद्धि श्रीवास्तव तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं भाषण प्रतियोगिता में वारीशा शादाब ने प्रथम, राशी गुप्ता ने द्वितीय और निखत अंजुम ने तृतीय स्थान हासिल किया। छात्राओं ने जल है तो कल है, बूंद-बूंद जल बचाएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं और भूजल बचाना है, जीवन बचाना है जैसे प्रेरक संदेशों के माध्यम से जल संरक्षण का महत्व रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को वर्षा जल संचयन, घरेलू स्तर पर जल बचत के उपाय, भूजल पुनर्भरण और बढ़ते जल संकट के कारणों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि अनियंत्रित भूजल दोहन और जलवायु परिवर्तन के चलते भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। समापन समारोह में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव ने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्राओं से अपने घरों और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। जल संचयन समिति के प्रभारी डॉ. राज कुमार ने कहा कि भूजल संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने छात्राओं से जल के विवेकपूर्ण उपयोग और वर्षा जल संचयन को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जल संचयन समिति के सदस्य डॉ. रमेश सिंह, डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. अनुष्का छोंकर सहित प्रो. शकुंतला, प्रो. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. शरद चंद्र राय, डॉ. शालिनी कनौजिया, डॉ. अमित त्रिपाठी, डॉ. जिया तस्नीम, बृजेश कुमार पाल, आनंदनाथ एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।

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