– 65 हजार का जुर्माना, 11 साल बाद पीड़ित परिवार को मिला इंसाफ
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। दहेज के लिए विवाहिता की मौत के ग्यारह वर्ष पुराने चर्चित मामले में आखिरकार न्याय का फैसला आ गया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दो दोषी महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए कुल 65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
बताते चलें कि कल्यानपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या का मामला प्रकाश में आया था। 27 मई 2015 को पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाने में मुकदमा संख्या 96/15 धारा 498ए, 304बी, 302, 34 भारतीय दंड संहिता एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में इस मुकदमे की लगातार मॉनिटरिंग की गई। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल तथा एडीजीसी अजय कुमार सिंह द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया गया। शुक्रवार को एएसजे/एफटीसी कोर्ट संख्या-02 ने सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्ता सुमन शुक्ला पत्नी दिनेश शुक्ला निवासी साईं मौहार को धारा 498ए, 304बी एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत तथा बिटोला पांडेय पत्नी पुत्तन पांडेय निवासी ग्राम सौंह को वैकल्पिक धारा 302 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सुमन शुक्ला पर 15 हजार रुपये तथा बिटोला पांडेय पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, विवेचक, पैरोकार, कोर्ट मुहर्रिर तथा अभियोजन पक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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