फोटो परिचय- गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर आयोजित गोष्ठी में श्रद्धासुमन अर्पित करते पत्रकार।
– हथगाम में प्रतिमा व चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
– गोष्ठी में सत्य, निष्पक्षता और जनसरोकारों वाली पत्रकारिता पर दिया जोर
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। देश की आजादी के आंदोलन में कलम को हथियार बनाकर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने वाले अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर हथगाम में माल्यार्पण कार्यक्रम के बाद वर्मा चौराहा स्थित एक समाचार पत्र के कार्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित कर उनके संघर्ष, त्याग और पत्रकारिता के आदर्शों को याद किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि शिवशरण बंधु के नेतृत्व में हथगाम में हुई। यहां एसोसिएशन के सदस्यों ने गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को नमन किया। इसके बाद वर्मा चौराहा स्थित कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने विद्यार्थी जी के जीवन को मौजूदा दौर की पत्रकारिता के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
संपादक एवं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमरजीत सिंह ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने पत्रकारिता को केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष का मिशन बनाया था। समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाने के साथ उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने के लिए भी अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान देश और पत्रकारिता जगत के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष केके तिवारी ने विद्यार्थी जी के जीवन और पत्रकारिता यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 26 अक्टूबर 1890 को प्रयागराज के अतरसुइया में हुआ था। वर्ष 1913 में कानपुर से साप्ताहिक समाचार पत्र प्रताप का प्रकाशन शुरू कर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई धार दी। इस पत्र के माध्यम से किसानों, मजदूरों और शोषितों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया तथा अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों का विरोध किया गया। वर्ष 1929 में उन्होंने हिंदी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता भी की। 25 मार्च 1931 को कानपुर में सांप्रदायिक हिंसा शांत कराने के प्रयास में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी।
संपादक जितेन्द्र त्रिवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी के सत्यनिष्ठा, निर्भीकता और निष्पक्षता के सिद्धांतों को आत्मसात करना आवश्यक है। पत्रकारों को जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए बिना किसी दबाव के अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
गोष्ठी के अंत में उपस्थित पत्रकारों ने विद्यार्थी जी के आदर्शों पर चलने और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाली जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर मनोज मिश्रा, सुधीर कुमार, सत्यम सिंह, शेखर अवस्थी, संतोष, सौरभ, अजय सहित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
