-चालीस लाख के भ्रष्टाचार की फाइल पहुंची डीएम के दरबार
CITY NEWS FATEHPUR
खागा, फतेहपुर(CNF)। तहसील क्षेत्र के ऐरायां विकास खंड की रसूलपुर भंडरा ग्राम पंचायत के शेरबहादुर सिंह पुत्र छत्रपाल सिंह निवासी बैरहना ने बीते शनिवार को जिलाधिकारी को हलफनामा में शिकायती पत्र देते हुए ग्राम पंचायत में लगभग 40 लाख रूपये सरकारी धन का बंदरबांट होने की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूर्व में भी शिकायतकर्ता ने हैण्डपम्प रिबोर मरम्मत के नाम पर लाखों रूपये का भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर सरकारी धन की रिकवरी कराकर दोषियों को कोर्ट तक पहुँचाने का काम किया था।
बताते चलें कि शिकायतकर्ता ने दिये गए शिकायती पत्र में बिना काम कराये और नाली इंटरलॉकिंग में लगभग 40 लाख रूपये गबन करने का आरोप लगाते हुए विभिन्न मदों की बिंदुवार विशेषज्ञ टीम गठित करके जाँच कराने की मांग किया है। क्रमवार कुछ कार्यों को तथ्यात्मक पहलु-साक्ष्य को शिकायतकर्ता ने सामने रखते हुए बताया कि इन स्थानों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। रसूलपुर भंडारा ग्राम पंचायत के इकौनागढ़ में चैराहा से रामकिशोर के घर तक 80 लम्बाई व 3.25 मीटर चैड़ाई मीटर इंटरलॉकिंग के निर्माण का सरकारी भुगतान 4,98,330 रूपए हुआ है। जबकि इसका वास्तविक मूल्यांकन दस मीटर इंटरलॉकिंग में एक हज़ार ईंटो का प्रयोग होता है और 80 मीटर में आठ हज़ार ईंटो का प्रयोग हुआ है। जिसमें विभाग द्वारा मय निर्माण लागत सहित 27.14 रूपये देती है। इस दर से 80 मीटर इंटरलाकिंग में सरकारी तय रेट 27.14 से कुल वाजिब लागत 2,16,172 दो लाख सोलह हज़ार एक सौ बहत्तर रुपए खर्चा आना चाहिए, जबकि ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा 2,82,208 रुपए का भ्रष्टाचार करके अधिक भुगतान करा कर बंदरबाँट किया गया है। इसी तरह बैरहना, नया पुरवा (कल्यानपुर कसार) में भी भ्रष्टाचार किया गया है। ग्राम सभा के बरुअन पर गाँव में अजय तिवारी के घऱ से ट्रांसफर्मर तक का भुगतान 1,00,260 रुपए हो चुका है जबकि आज तक उस जगह में केवल दस से पंद्रह ट्राली मिट्टी की डालकर कार्य समाप्त कर दिया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत के लगभग आधा सैकड़ा कार्यों में अधिक भुगतान करा कर ग्राम प्रधान व सचिव ने बंदरबाँट करके सरकारी धन का दुरपयोग किया गया है। इसी पंचायत में पूर्व में भी शिकायत के बाद सरकारी धन की रिकवरी हुई है, जिसमें उपरोक्त सचिव प्रधान को उच्च अधिकारियों ने दोषी पाया था जिसके बदले में जुर्माने की कार्यवाही भी की गयी है। हलांकि शिकायतकर्ता ने संतुष्ट नहीं होने का बाद उच्च हाई कोर्ट का सहारा लेकर वाद दाखिल किया है जो कि भ्रष्टाचार पाए जाने के संबंध में आज भी माननीय उच्च न्यायलय में वाद विचाराधीन है।
