फोटो परिचय- आमसभा में मौजूद डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के समर्थन में डीबीए की आमसभा में बनी सहमति, सीएम व मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा ज्ञापन
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। अधिवक्ताओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की मंगलवार को सिविल बार हाल में आमसभा हुई। बैठक में कानपुर में आयोजित प्रदेशव्यापी अधिवेशन में पारित प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेशव्यापी आंदोलन के समर्थन में बुधवार को जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
बैठक में अधिवक्ताओं ने बताया कि 10 एवं 11 सितंबर को कानपुर बार एसोसिएशन तथा यंग लॉयर्स के संयुक्त नेतृत्व में प्रदेशभर के बार एसोसिएशन के अध्यक्षों एवं महामंत्रियों का दो दिवसीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। अधिवेशन में अधिवक्ताओं से हड़ताल के लिए बार द्वारा मांगी जा रही अंडरटेकिंग की मांग तथा अधिवक्ताओं के खिलाफ चल रहे मुकदमों को दूसरे जनपदों में स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी।
अधिवक्ताओं के मुताबिक अधिवेशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक अंडरटेकिंग की मांग वापस नहीं ली जाती और अधिवक्ताओं के खिलाफ चल रहे मुकदमों को दूसरे जनपदों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक प्रत्येक बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इसी प्रस्ताव के क्रम में फतेहपुर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
आमसभा में यह भी तय किया गया कि 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे अधिवक्ता जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। इसके अलावा जनपद न्यायाधीश के माध्यम से देश के मुख्य न्यायाधीश को भी ज्ञापन भेजकर अधिवक्ताओं की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर शासन एवं न्यायिक स्तर से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि प्रदेशभर में चल रहा आंदोलन समाप्त हो सके और अधिवक्ताओं को राहत मिल सके।
आमसभा की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव ने की, जबकि संचालन महामंत्री अनुराग नारायण मिश्र ने किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आरपी मौर्य, महेश कांत त्रिपाठी, अज्जू श्रीवास्तव, अजय सिंह, प्रवीण द्विवेदी, छोटेलाल निषाद, सुरेश नारायण अवस्थी, राजेश मौर्य, चंद्र प्रकाश मिश्र, शैलेंद्र सिंह पटेल, मंदीप मिश्र, इंद्रजीत यादव, नितिन त्रिपाठी, उमेश त्रिपाठी, राकेश यादव, अनुग्रह नारायण सिंह, सुनील वर्मा, अमन शुक्ल और जगदीश मौर्य समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
