फोटो परिचय- हसवा हाईवे फायरिंग मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता समेत अन्य आरोपी।
जमीन कब्जेदारी के खूनी विवाद में पुलिस का बड़ा एक्शन, लाइसेंसी बंदूक समेत कारतूस और दो लग्जरी वाहन बरामद
– पीएनसी गोदाम के पास दो पक्षों में भिड़ंत के बाद हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
– रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह समेत पांच आरोपी पहुंचे जेल
– बंदूक आरोपी के नाम लाइसेंसी मिली, आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी कार्रवाई
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। हसवा हाईवे पर जमीन कब्जेदारी को लेकर हुए खूनी बवाल के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पीएनसी गोदाम के पास 16 सितंबर को दो पक्षों के बीच हुए विवाद में फायरिंग के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई में घटना में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और दो वाहन बरामद किए गए हैं। हाईवे पर हुई फायरिंग से क्षेत्र में मची दहशत के बाद पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा हाईवे स्थित पीएनसी गोदाम के समीप 16 सितंबर को जमीन पर कब्जेदारी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज व मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान फायरिंग होने से हाईवे पर सनसनी फैल गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा अपराध संख्या 253/2026 दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
विवेचना में खुली परतें, पांच दबोचे
पुलिस ने विवेचना और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर 17 सितंबर को रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह, बलराम मिश्रा, पत्तू उर्फ नन्देर, गुड्डू पटेल और शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े असलहे और वाहनों को भी बरामद किया।
लाइसेंसी बंदूक से चली थीं गोलियां
पुलिस के अनुसार रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह की निशानदेही पर 12 बोर की एसबीबीएल बंदूक नंबर 205715 बरामद हुई। इसके साथ तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी मिला। जांच में बंदूक रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के नाम लाइसेंसी पंजीकृत पाई गई। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो और महिंद्रा एक्सयूवी-500 भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी शिकंजा
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की है। वहीं रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 27(1) और 30 के तहत भी कार्रवाई की गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने 18 सितंबर को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुराने मुकदमों का भी रिकॉर्ड सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के खिलाफ वर्ष 2020 का मुकदमा दर्ज है। बलराम मिश्रा के खिलाफ वर्ष 2021, 2023 और 2024 में अलग-अलग मुकदमों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है, जिनमें आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है। गुड्डू पटेल के खिलाफ भी वर्ष 2020 का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में सामने आई है।
हाईवे पर फायरिंग के इस मामले में पांच गिरफ्तारियों के साथ असलहे और वाहनों की बरामदगी से पुलिस ने कार्रवाई को निर्णायक दिशा दी है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
