प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर जंगल राज का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मां, माटी और मनुष्य की बात तो करती है, लेकिन उसके शासन में मां रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा है और मनुष्य भयभीत है। यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने “भयमुक्त” समाज की कल्पना की थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसके ठीक विपरीत परिस्थितियां पैदा कर दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहां हर कोई भयमुक्त हो। लेकिन टीएमसी के जंगल राज ने ठीक इसका उल्टा कर दिया है। वे ‘मां, माटी और मनुष्य’ की बात करते थे, लेकिन आज मां रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा है और मनुष्य भयभीत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का गिरोह इन घुसपैठियों को जाली सरकारी दस्तावेज हासिल करने में मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  पश्चिम बंगाल की ज़मीन पर घुसपैठियों का अतिक्रमण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। टीएमसी का गिरोह इन घुसपैठियों को जाली सरकारी दस्तावेज हासिल करने में मदद कर रहा है। घुसपैठिए पड़ोसी क्षेत्रों से घुसकर राज्य में बस रहे हैं। आज मैं बंगाल की जनता से वादा करता हूं। बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही घुसपैठ में मदद करने वालों के खिलाफ विशेष जांच शुरू की जाएगी। यह मेरी आपको गारंटी है। चाहे वे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उनकी पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

2022 की बोगटुई घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए, जिसमें गांव में झोपड़ियों में आग लगाने के बाद आठ लोग जिंदा जल गए थे, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मानवता पर कलंक बताया। हमारा बीरभूम टीएमसी के जंगल राज का गवाह है। बोगटुई में जो हुआ वह महज एक घटना नहीं थी; यह मानवता पर एक कलंक था। निर्दोष महिलाओं और बच्चों को जिंदा जला दिया गया। अगर यह जंगल राज नहीं है, तो फिर क्या है?

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