उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम को लेकर सवाल उठाने पर निशाना साधा। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी बात की। एसआईआर को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है।

संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कांग्रेस और विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से ऐसा रहा है कि वे अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा बनते रहे हैं, जिससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।”

उन्होंने कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन से जुड़े अन्य दलों के मौजूदा काम और बयान “बेहद गैर-जिम्मेदाराना” हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।

एसआईआर पर योगी ने क्या कहा?

एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि मौजूदा चुनाव आयोग ऐसी प्रक्रिया कराने वाला पहला आयोग है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी, अक्सर कांग्रेस की सरकारों के समय, 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। उनके मुताबिक, इस इतिहास के बावजूद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और दूसरी पार्टियों का मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया को लेकर हंगामा करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

चुनाव आयोग और ईवीएम पर उठाए सवालों को लेकर बोले

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर वे चुनाव जीतती हैं, तो इसका श्रेय वे अपनी कोशिशों को देती हैं, लेकिन अगर जनता उन्हें उनके भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ियों, गलत नीतियों और अराजक कामों की वजह से नकार देती है, तो चुनाव आयोग या ईवीएम को दोष देना कितना सही है?”

उन्होंने विपक्षी दलों से इस पर सोचने और आत्म-मंथन करने की बात कही। योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर शक करने की कोशिश करता है और चुनाव आयोग पर हमला कर रहा है।

राहुल गांधी और न्यायपालिका का भी किया जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज में भारत की न्यायपालिका पर सवाल उठाए और भारतीय न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर शक करने की कोशिश की।

उन्होंने 2019 में राफेल मामले पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की टिप्पणियों को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया।

ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण

ईवीएम के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन्हीं मशीनों के जरिए केंद्र और कई राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनीं। उन्होंने कहा कि इन ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहना और इस तरह भारत की चुनावी व्यवस्था तथा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर शक करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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