ईरान की राजनीति और मिडिल ईस्ट की भू राजनीति एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। अयातुल्लाह अली खामेनई की मौत के बाद सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामनेई अब पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। ईरान की अर्ध सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या लंबे समय से सार्वजनिक नजरों से दूर रहे मोजतबा अब दुनिया के सामने अपनी पहली आधिकारिक मौजूदगी दर्ज कराएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को ईरान के कोम शहर में स्थित फातिमा मसूमेह की मजार परिसर के इमाम खुमैनी प्रार्थना हॉल में आया अली खामनेई की सार्वजनिक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम की अगुवाई उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा ही करेंगे। अगर ऐसा होता है तो सुप्रीम लीडर बनने के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। हालांकि अभी तक ईरानी अधिकारियों की ओर से आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि मोजतबा खामनेई निश्चित रूप सेमंच पर दिखाई देंगे और यही वजह है कि इसे लेकर अटकलों का दौर अभी भी जारी है।
कोम नगरी में प्रार्थना सभा का आयोजन
ईरान के धार्मिक शहर कोम में एक विशेष प्रार्थना सभा रखी गई है। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अली खामेनेई के बेटे, मुजतबा खामेनेई, शनिवार को पहली बार आम जनता के बीच दिखाई दे सकते हैं। संभावना जताई जा रही थी कि वह हजरत मासूमेह दरगाह में अपने पिता की याद में आयोजित इस शोक सभा का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि मोजतबा इस प्रार्थना सभा का हिस्सा नहीं बनेंगे।
अंतिम विदाई से भी दूर रहे मोजतबा
गौर करने वाली बात यह है कि अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान उनके सिर्फ तीन बेटे ही उपस्थित थे, जबकि मोजतबा वहाँ नहीं पहुँचे। सुप्रीम लीडर के निधन के पूरे 131 दिनों के बाद कल उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आधुनिक इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी नेता के शव को इतने लंबे समय बाद दफनाया गया हो।
