अगर अमेरिका और इसराइल ईरान के खिलाफ नई-नई रणनीति के साथ आ रहे हैं तो ईरान भी प्लानिंग में लगा है। खामनेई के अंतिम संस्कार के बाद जनाजे के बाद फ्री हो जाने के बाद अब ईरान ने तय कर लिया है कि वो इधर-उधर नहीं मारेगा बल्कि सीधे अपने सबसे बड़े दुश्मन इसराइल को दबोचेगा। यह भी जानना अहम है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखेगा तो फिर ईरान बातचीत भी नहीं करने वाला। लेकिन बात इसराइल की करते हैं। ईरान ने अपने इसराइल वाले प्लान पर अमल भी शुरू कर दिया है। ईरान ने तेलअवीव में उसी जगह पर तगड़ी स्ट्राइक अंजाम दी है जिसकी तस्वीरें भी उसने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। क्योंकि इसराइल में जबरदस्त सेंसरशिप है इसलिए ईरान के उन हमलों की तस्वीर इसराइल बाहर तो आने देने से रहा। वैसे भी आरोप लगता है कि इसराइल अपना नुकसान छिपाने में माहिर है। कुछ मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि ईरान ने तेलअवीव में कुछ सैन्य ठिकानों पर बड़े नुकसान पहुंचाए हैं और कुछ लोग मारे भी गए हैं।

हालांकि पश्चिमी मीडिया में यह खबर नहीं है लेकिन ईरान समर्थक हैंडल और कुछ मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि ईरान ने इसराइल के न्यूक्लियर ठिकानों पर भी मिसाइल बरसाई है। यानी इसराइल के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है ईरान। हालांकि प्रभासाक्षी ईरानी हैंडल से आ रही इन खबरों की कोई तस्दीक नहीं करता लेकिन ईरान की स्ट्रेटजी में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। ईरान ने इसराइल को धमकी भी दी है कि अगर हमारे संसाधनों को नुकसान पहुंचा फिर चाहे वो पोर्ट हो, बिजली घर हो, अस्पताल हो तो इसराइल को यह बहुत भारी पड़ने वाला है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक कंट्रोल टावर पर हमला किया था। जिसके बाद से ही ईरान आक्रामक है। अब ईरान ने एक नई नीति बनाई है कि कोई भी मारेगा चाहे अमेरिका मारे, चाहे अरब देशों से हमले हो बात वो इसराइल से करेगा और इसराइल को मारेगा। इसराइल को बख्शेगा ही नहीं।

ईरान मामलों के एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान की यह रणनीति जो उसने सीधे इसराइल के खिलाफ बनाई है, वह अपने आप में सीधा सिग्नल है इसराइल को कि सारे फसाद की जड़ आप ही हो। तुम ही अमेरिका को भड़काते हो। इसलिए अब कहीं से भी ईरान का नुकसान होगा तो पिटेगा इसराइल। एक्सपर्ट कहते हैं कि 40 दिनों की जंग में यह साफ हो गया है कि ईरान की मिसाइलों की रेंज में इसराइल का कोना-कोना है। डिमोना हो या हाइफा हर जगह ईरान की बैलेस्टिक और सुपरसोनिक मिसाइलों ने तबाही मचाई है। इसीलिए ईरान की यह रणनीति आगे आने वाले दिनों में इसराइल और अमेरिका को भारी पड़ने वाली है। वैसे भी इसराइल अमेरिका और ईरान की पीस डील से नाराज है और वो चाहता है कि ईरान में इस्लामिक रेवोल्यूशन के खात्मे तक यह जंग चलती रहे। तो अब ईरान ने भी तय कर लिया है कि जंग लड़ने का शौक पाले इसराइल से उसी की जबान में निपटा जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now